कर्नाटक में लंबे वक्त से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री राज्य के नए मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए हाईकमान से मुलाकात करेंगे. शीर्ष नेताओं की रणनीति के तहत आज रात 8 बजे केसी वेणुगोपाल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसके बाद बुधवार सुबह 8 बजे राहुल गांधी के साथ बैठक होने की संभावना है.
सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक सरकार के मंत्रिमंडल की रूपरेखा तय करने के लिए मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली में मौजूद हैं. आज रात 8 बजे एआईसीसी संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ उनकी अहम बैठक होनी है. इस दौरान नए चेहरों और क्षेत्रीय संतुलन पर विस्तार से चर्चा होगी.
लोकभवन में होगा शपथग्रहण समारोह
पार्टी सूत्रों ने ये भी कहा कि केसी वेणुगोपाल से चर्चा के बाद कल सुबह 8 बजे राहुल गांधी के साथ नेताओं की बैठक होने की संभावना है. आलाकमान से अंतिम मंजूरी मिलते ही नए मंत्रियों की लिस्ट तय हो जाएगी. इसके बाद गुरुवार शाम को लोक भवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाने की संभावना है.
इससे पहले AICC के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा था कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट का विस्तार जल्द ही होने वाला है. वेणुगोपाल ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा, 'कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार होने वाला है, ये कभी-भी हो सकता है.'
उन्होंने बताया कि शिवकुमार, पूर्व CM सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद मंगलवार को विस्तार पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में थे. हालांकि, चर्चा नहीं हो सकी क्योंकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के कई नेताओं और सांसदों ने NEET पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरने में हिस्सा लिया था.
बताया जा रहा है कि शिवकुमार, सिद्धारमैया और हरिप्रसाद पिछले हफ़्ते भी दिल्ली गए थे और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व (जिसमें राहुल गांधी, वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल थे) के साथ चर्चा की थी. चूंकि खड़गे इस बैठक का हिस्सा नहीं थे, इसलिए शिवकुमार ने बाद में बेंगलुरु में उनसे मुलाकात की और चर्चा की.
आपको बता दें कि 28 मई को सिद्धारमैया के CM पद से इस्तीफा देने के बाद, 3 जून को शिवकुमार ने 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.