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'आपके मुंह में घी-शक्कर...', चाचा शरद पवार संग पार्टी के गठबंधन पर बोले अजित पवार

यह टिप्पणी उस वक्त आई, जब अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवाड़ में एनसीपी के नगर निगम चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत की.

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शरद पवार संग गठबंधन पर क्या बोले अजित पवार (Photo: AP)
शरद पवार संग गठबंधन पर क्या बोले अजित पवार (Photo: AP)

अजित पवार ने हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित रूप से फिर से एक हो जाने की अटकलों को हवा दे दी है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे इससे जुड़ा हुआ सवाल पूछा गया तो उनका जवाब सकारात्मक रहा.

आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर आयोजित अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में वह और शरद पवार राजनीतिक रूप से एक साथ आ सकते हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि आपके मुंह में शक्कर. इस बयान को राजनीतिक हलकों में इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि पार्टी के विलय या बड़े समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में होने वाले नगर निगम चुनाव शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और अजित पवार गुट संयुक्त रूप से लड़ेंगे. महीनों की तीखी राजनीतिक खींचतान के बाद यह एक बड़ा राजनीतिक कोलिशन माना जा रहा है. हालांकि पिंपरी-चिंचवाड़ में दोनों गुटों के बीच गठबंधन पहले ही तय हो गया था, लेकिन पुणे में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत में ज्यादा समय लगा.

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सूत्रों के अनुसार, इस गठबंधन को अंतिम गति पिछले रविवार को बारामती में मिली, जब शरदचंद्र पवार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संस्थान के उद्घाटन समारोह का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम में उद्योगपति गौतम अडानी भी मौजूद थे. बताया जा रहा है कि इसी मौके पर शरद पवार और अजित पवार के बीच बातचीत हुई और इसके अगले ही दिन विधायक रोहित पवार ने घोषणा कर दी कि दोनों गुट पुणे नगर निगम चुनाव मिलकर लड़ेंगे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अजित पवार से चुनावी बैनरों पर शरद पवार की तस्वीरें लगाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब था- आपके मुंह में शक्कर. यह तुरंत चर्चा का विषय बन गया. खासतौर पर इसलिए क्योंकि एनसीपी में विभाजन के बाद दोनों नेताओं के रिश्ते लंबे समय तक बेहद तनावपूर्ण रहे हैं.

पार्टी टूटने के बाद शरद पवार ने अजित पवार गुट द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैनरों में अपनी तस्वीरों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी और नाराजगी भी जाहिर की थी. यह राजनीतिक टकराव बाद में कई चुनावों में खुलकर सामने आया. लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार के बीच मुकाबला, विधानसभा चुनावों में अजित पवार के भतीजे युगेंद्र पवार का उनके ही गुट के खिलाफ उतरना और नगर परिषद चुनावों में दोनों पक्षों का अलग-अलग लड़ना इसका उदाहरण है.

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अब जबकि पुणे नगर निगम के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो चुका है और पिंपरी-चिंचवाड़ में संयुक्त चुनाव अभियान चल रहा है, दोनों गुटों के बीच नगर निकाय चुनावों के लिए एक अस्थायी समझौता बन गया है.  ऐसे में अभियान की शुरुआत के दौरान अजित पवार की यह चुटीली टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में इस बहस को फिर से तेज कर रही है कि क्या यह चुनावी तालमेल आगे चलकर एनसीपी के भीतर किसी बड़े कोलिशन या यहां तक कि औपचारिक विलय की जमीन तैयार कर सकता है.

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