पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है. न्याय की मांग को लेकर बुलाए गए मानसा बंद के दौरान शहर में एक गुटखा-बीड़ी की दुकान खुली मिलने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा. गुस्से में आए लोगों ने दुकान से तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट का सामान बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया और विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब पूरा शहर परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए बंद है, ऐसे में नशीले पदार्थों की बिक्री करना पूरी तरह अनुचित है.
इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर मानसा के SSP वैभव चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अब तक की पुलिस कार्रवाई का ब्योरा दिया है. एसएसपी ने बताया कि 13 अक्टूबर को हुई परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है. अदालत ने उसे 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात के बाद अश्वनी ने अपना मोबाइल फोन फेंक दिया था. पुलिस के अनुसार, उसने घटना के बाद आखिरी कॉल अपने चाचा को की थी, जबकि अपने बेटे को चार बार कॉल की थी. इसके अलावा, पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर विपन कुमार और मुख्य आरोपी अश्वनी की पत्नी नीलम रानी को भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार कर लिया गया है.
थाना प्रभारी सस्पेंड
मामले में प्रशासनिक लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए थाना सिटी-2 की प्रभारी बेअंत कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए मानसा में 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. प्रशासन पीड़ित परिवार और संघर्ष समिति के साथ लगातार बातचीत कर रहा है. देखें VIDEO:-
इसके साथ ही, मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाते हुए उसके घर को गिरा दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.