पंजाब में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर जुटे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च शुरू किया. हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोक दिया.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था.
हरपाल चीमा की गिरफ्तारी की मांग
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजा वड़िंग ने दिड़बा के गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने चीमा को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांग की. वड़िंग ने दावा किया कि गुलजार सिंह ने अपने अंतिम बयान में अपनी आत्महत्या के लिए हरपाल सिंह चीमा को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में आरोप सामने आने के बावजूद वित्त मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है.
'ED और AAP के बीच चल रहा फिक्स मैच'
राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी और बीजेपी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में राजनीतिक फायदे के लिए बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच 'गुप्त समझौता' है. वड़िंग ने दावा किया कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ दिखाई जरूर देती हैं, लेकिन अंदरखाने उनका तालमेल है.
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी आम आदमी पार्टी के साथ 'फिक्स मैच' खेल रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और गुलजार सिंह के मामले में न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगी.

बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर लगाया मिली भगत का आरोप
पीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं और दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान के बीच गुप्त समझौता हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि 'आप' गुजरात में भाजपा-विरोधी वोटों को बांटकर उसकी मदद करे, और इसके बदले भाजपा पंजाब में 'आम आदमी पार्टी' की मदद करेगी. उन्होंने कहा कि इसी कारण ईडी भ्रष्टाचार के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पंजाब पुलिस के साथ मिलकर 'फिक्स मैच' खेल रहा है.
उन्होंने सवाल किया कि जैसे ईडी ने कांग्रेस नेताओं, जैसे साधु सिंह धर्मसोत के मामले में तुरंत गिरफ्तारी की थी, वैसे यहां क्यों नहीं कर रही? उस मामले में ईडी ने पंजाब पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए नहीं कहा था, लेकिन 'आप' नेताओं के मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है.
गुरप्रीत सिंह सेखों जैसे सजायाफ्ता गैंगस्टर को पार्टी में शामिल करने पर 'आप' पर निशाना साधते हुए वड़िंग ने कहा कि जहां पंजाब के लोग गैंगस्टरों से छुटकारा चाहते हैं, वहीं सत्ताधारी पार्टी उन्हें शामिल करके राजनीतिक मंच और ताकत मुहैया करा रही है.
उन्होंने कहा कि सेखों को अदालत से सजा सुनाई जा चुकी है और वह केवल इसलिए बाहर है क्योंकि हाईकोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगाई हुई है. उन्होंने मान से सवाल किया, 'आप पंजाब के लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं?'

कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए वड़िंग ने कहा कि वह चाहे किसी भी पद पर रहें, हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहेंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी हित में काम करने और टिकट पाने वाले हर कांग्रेसी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि पंजाब को इस सरकार से छुटकारा मिल सके.
वड़िंग ने यह भी ऐलान किया कि बहुत जल्द वे मुख्यमंत्री के सामने ही नहीं, बल्कि सीधे उस मंच पर जाकर काले झंडे लहराएंगे जहां वे भाषण दे रहे होंगे. उन्होंने कहा कि भले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया हो, लेकिन अगली बार वे हर हाल में मान के मंच तक पहुंचना सुनिश्चित करेंगे. आज के इस विरोध प्रदर्शन में सभी 25 ज़िला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल हुए.
मौके पर मौजूद वरिष्ठ नेता राणा के.पी. सिंह, अमित विज, बलबीर सिंह सिद्धू, ब्रह्म मोहिंद्रा, कुलजीत सिंह नागरा, शमशेर सिंह डूलो, गुरजीत औजला, दलवीर गोल्डी, डॉ. राज कुमार वेरका, हरदयाल कंबोज, कैप्टन संदीप संधू, साधु सिंह धर्मसोत, निशात अख्तर, सुखविंदर डैनी, हरी खाई, लखवीर लक्खा, शाम सुंदर अरोड़ा, ममता दत्ता, कुलबीर ज़ीरा, राकेश पांडे, पवन दीवान, सुनील दत्ती, पवन आदिया और मोहित मोहिंद्रा सहित अन्य नेता उपस्थित थे.