पंजाब के अमृतसर में नशे और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने सीमा पार से तस्करी करने वाले एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई है. इसके साथ ही एक विदेशी निर्मित .30 बोर PX5 पिस्टल और तीन कारतूस भी बरामद किए गए हैं. पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को चंडीगढ़ में इस कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोग सीमा पार से आने वाली नशे और हथियारों की खेप को आगे पहुंचाने का काम कर रहे थे. प्रारंभिक जांच में इनके दुबई स्थित एक ऑपरेटर और सीमा पार के तस्करों के साथ संपर्क में होने की बात सामने आई है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल सिंह उर्फ शालू, मनप्रीत सिंह उर्फ सनी, स्मार्टप्रीत सिंह और करण सिंह के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार विशाल सिंह, मनप्रीत सिंह और स्मार्टप्रीत सिंह तीनों अमृतसर के छेहरटा स्थित भल्ला कॉलोनी के रहने वाले हैं. चौथा आरोपी करण सिंह तरनतारन के गांव भुस्से का निवासी है.
पुलिस ने नशीले पदार्थ और हथियार बरामद करने के साथ ही उन वाहनों को भी जब्त किया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर तस्करी के लिए किया जा रहा था. इनमें काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल शामिल है, जिसका नंबर PB02-CW-6647 है. इसके अलावा ग्रे रंग की होंडा एक्टिवा भी जब्त की गई है, जिसका नंबर PB02-EX-4503 है.
दुबई के ऑपरेटर के संपर्क में थे आरोपी
DGP गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोपियों के काम करने के तरीके को लेकर भी जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक आरोपी दुबई में बैठे एक ऑपरेटर और सीमा पार के तस्करों के साथ तालमेल में काम कर रहे थे. जांच में सामने आया है कि आरोपी ड्रग्स और अवैध हथियारों की खेप हासिल करने के बाद उसे अपने हैंडलर के निर्देश पर आगे किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने वाले थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास पहुंचने वाली खेप में नशीले पदार्थों के साथ अवैध हथियार भी शामिल थे. बरामदगी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आई है. DGP ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अपने हैंडलरों से संपर्क करने के लिए एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, ऐसा संभवत. पुलिस की नजर से बचने के इरादे से किया जा रहा था. इन प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपी अपने हैंडलरों के संपर्क में रहते थे और कथित तौर पर खेप को आगे पहुंचाने के निर्देश लेते थे. अब जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि आरोपियों का दुबई स्थित ऑपरेटर और सीमा पार के तस्करों से किस तरह संपर्क हुआ और इस पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका क्या थी.
पुलिस ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर की टीम को आरोपियों के बारे में विशेष सूचना मिली थी. सूचना के मुताबिक विशाल, मनप्रीत, स्मार्टप्रीत और करण ने भारत-पाकिस्तान सीमा के अटारी क्षेत्र के पास से ड्रोन के जरिए गिराई गई हेरोइन और हथियारों की बड़ी खेप हासिल की थी. पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि चारों आरोपी इस खेप को अमृतसर के अड्डा खासा के पास किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने वाले हैं. सूचना मिलने के बाद काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर की टीम ने तेजी से कार्रवाई की. पुलिस टीम ने खासा में बस शेल्टर के पास छापेमारी कर आरोपियों को रोक लिया.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की तलाशी ली गई तो उनके पास से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई. इसके अलावा एक विदेशी निर्मित .30 बोर PX5 पिस्टल और तीन कारतूस भी मिले. एक ही कार्रवाई में बड़ी मात्रा में हेरोइन और विदेशी हथियार मिलने के बाद पुलिस ने मामले को सीमा पार तस्करी के नेटवर्क से जोड़कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर ड्रोन से सीमा क्षेत्र में पहुंचाई गई खेप को आगे सप्लाई करने वाले थे. इस पूरी गतिविधि में उनके हैंडलरों के निर्देशों की भूमिका भी सामने आई है.
DGP गौरव यादव के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है. पुलिस अब इस नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है. जांच का मकसद उन सभी लोगों की पहचान करना है, जो इस कथित तस्करी नेटवर्क में किसी भी स्तर पर शामिल हो सकते हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हेरोइन और हथियार कहां से आए, इन्हें किसे पहुंचाया जाना था और इस पूरी गतिविधि के पीछे कौन-कौन लोग हैं.
NDPS और Arms Act के तहत FIR
इसके साथ ही दुबई स्थित ऑपरेटर और सीमा पार तस्करों के साथ आरोपियों के संपर्क की भी जांच की जा रही है. एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है. इस मामले में पुलिस ने FIR नंबर 58 दर्ज की है. यह FIR 15 सितंबर 2026 को दर्ज की गई. मामला अमृतसर के पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में दर्ज हुआ है.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 21, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है. इसके अलावा Arms Act की धारा 25 भी लगाई गई है. फिलहाल चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस का फोकस इस कथित सीमा पार तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने पर है. खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन से अटारी सीमा क्षेत्र में पहुंचाई गई खेप को आगे किस नेटवर्क के जरिए सप्लाई किया जाना था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.