समाजवादी पार्टी लखनऊ में समाजवादी विचारक जनेश्वर मिश्र की जयंती मना रही है. इस मौके पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. अखिलेश सुबह करीब 11:30 बजे जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचे, यहां मुख्य कार्यक्रम के बाद उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित भी किया.
इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि, जनेश्वर मिश्र समाजवादी चिंतक के साथ एक ऐसे नेता था जिन्होंने समाजवादी आंदोलन को आजीवन आगे बढ़ाया. एक ऐसे नेता जो सादगी के साथ अपने विचारों से बिना भेदभाव के जोड़ने का काम किया. उन्होंने कहा कि सरकार को हमें पार्क में सम्मेलन करने की परमिशन देनी थी, वो उन्होंने नहीं दी, इसलिए ये आयोजन पार्टी ऑफिस में करना पड़ रहा है.
लेकिन, जनेश्वर मिश्र का मिशन कभी भी लूटेगा नहीं, उसको कभी किसी परमिशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. जनेश्वर मिश्र का ऐसा पार्क बना है कि सदियों तक लोग याद करेंगे. बीजेपी पर हमला करते हुए बोले- लोग PDA की बात करते है और नई नई परिभाषा बनाते हैं. जबसे PDA से हारे हैं यह सब कर रहे हैं. जो लोग समय समय पर PDA की परिभाषा समय समय पर बदलते हैं वो जान लें, PDA में P पंडित है, PD pandit का शॉर्ट फॉर्म है. पंडित को जितना सताओगे पंडित और मजबूत होगा.

विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 'कानपुर में गाड़ी नहीं पलटी थी, बल्कि पलटाई गई थी.' उन्होंने कहा कि जब कभी उस घटना की सैटेलाइट इमेज सामने आएगी तो सच्चाई सबके सामने आ जाएगी. अखिलेश ने आरोप लगाया कि केवल गाड़ी ही नहीं पलटाई गई, बल्कि सुल्तानपुर में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ भी मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि सरकार पहले उनके लोगों को निशाना बना रही थी और अब ब्राह्मण समाज के लोगों को भी प्रताड़ित कर रही है. उन्होंने कहा, "ये हमारे PDA के 'P' के पीछे पड़ गए हैं.'
अखिलेश यादव ने गोरखपुर और उपमुख्यमंत्री पर भी तंज कसते हुए कहा कि 'गोरखपुर में हाता नहीं भाता. एक डिप्टी सीएम बिना बरसात के छाता लगाए घूमते हैं और बिना प्रेम के किसी को साथ लिए रहते हैं. लोग कहते हैं कि उनकी बात उनके गार्ड भी नहीं सुनते.' उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री के पास सबसे महत्वपूर्ण विभाग है, लेकिन अस्पतालों की हालत किसी से छिपी नहीं है.
हिंदू धर्म और ब्राह्मण समाज का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई व्यक्ति कितनी भी डिग्रियां हासिल कर ले, वह शंकराचार्य नहीं बन सकता, क्योंकि हिंदू धर्म में शंकराचार्य का सर्वोच्च धार्मिक स्थान है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में शंकराचार्य को स्नान करने से रोका गया और उनका अपमान किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके समर्थकों पर झूठे पॉक्सो (POCSO) के मुकदमे लगाए गए. अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य झुके नहीं और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हर जगह उनका सम्मान किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ब्राह्मण समाज का अपमान किया है.'