दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों का इंतजार अब खत्म हो गया है. शनिवार सुबह 8 बजे से नॉर्थ कैंपस के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में चार केंद्रीय पदों के लिए मतगणना पूरी हो चुकी है और अब उन उम्मीदवारों के नाम सामने आ गए हैं, जिनको अब DUSU की कमान मिलने वाली है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं. चारों प्रमुख पदों की तस्वीर साफ हो गई है. ABVP ने तीन पदों पर जीत हासिल कर ली है. सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे हैं. वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की है.
यश बने अध्यक्ष
अध्यक्ष पद के लिए ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा. मतगणना के कई राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही. अंतिम नतीजे में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया.
यश डबास के साथ ABVP के पैनल से सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने भी जीत दर्ज की। इस तरह ABVP ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर कब्जा किया.
अध्यक्ष पद के लिए ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा. मतगणना के कई राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही. अंतिम नतीजे में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया.
यश डबास के साथ ABVP के पैनल से सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने भी जीत दर्ज की। इस तरह ABVP ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर कब्जा किया.
उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत
उपाध्यक्ष पद का नतीजा ABVP और NSUI से अलग रहा. इस पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की है. मतगणना के दौरान शौकीन लगातार मजबूत बढ़त बनाए हुए थे और आखिरकार उन्होंने उपाध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया.
चारों पदों की तस्वीर
कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ मतगणना
DUSU चुनाव की मतगणना आद सुबह 8 बजे शुरू हो गई थी. मिली जानकारियों के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है. मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के साथ प्रमुख सड़कों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. अलग-अलग जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी और वैलिड आईडी कार्ड के बिना छात्रों को कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी.