तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अभी तक कुछ तय नहीं हो पाया है. इसी बीच एक बार फिर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की शुरुआत हो गई है. एआईएडीएमके ने गुरुवार को अपने नए चुने गए विधायकों को पुडुचेरी भेज दिया है. सामने आया है कि, पुडुचेरी में एआईएडीएमके के 25 से ज्यादा विधायक रिजॉर्ट में ठहराए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, विधायकों को पुडुचेरी के ‘द शोर-त्रिश्वम’ रिजॉर्ट में रखा गया है. ये भी सामने आया है कि रिजॉर्ट में रविवार या सोमवार तक के लिए बुकिंग की व्यवस्था की गई है.
पुडुचेरी के लग्जरी रिसॉर्ट में ठहराए गए विधायक
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सीवी षडमुगम ने पुडुचेरी के ‘द शोर त्रिश्वम’ रिजॉर्ट में 20 से ज्यादा कमरे बुक कराए हैं. बताया जा रहा है कि रिजॉर्ट में रविवार या सोमवार तक के लिए व्यवस्था की गई है. सूत्रों के अनुसार, एआईएडीएमके के 25 से अधिक विधायक फिलहाल पुडुचेरी के अलग-अलग रिजॉर्ट्स में ठहरे हुए हैं और उन्हें होटल ‘द शोर त्रिश्वम’ में अलग-अलग हिस्सों में रखा गया है.
सूत्रों के मुताबिक, जिन विधायकों को अब तक रिजॉर्ट में ठहराया गया है उनमें बालकृष्ण रेड्डी (होसुर), अभिनेत्री जयासुधा (अरानी), एपी जयसंकरण (अथूर), एसएम सुकुमार (आर्कोट), ओएस मणियन (वेदारण्यम), वेलु (चेंगम), एस जयकुमार (पेरुंदुरई), करुप्पन्नन (भवानी), पूर्व मंत्री विजयभास्कर (विरालिमलाई) और एस शेखर (परमथी-वेलुर) शामिल हैं.
इसके अलावा वेंकटाचलम (मेट्टूर), मरगथम (मदुरंतकम), राजशेखर (चेय्यूर), रामचंद्रन (कीझपेन्नाथुर), मणि (ओमलुर), पलानीस्वामी (थिरुकोविलुर), मोहन (पनरुट्टी), राजेंद्रन (नेवेली) और थलावई एन सुंदरम (कन्याकुमारी) के नाम भी सामने आए हैं.
एआईएडीएमके के भीतर अंदरूनी हलचल
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब एआईएडीएमके के भीतर अंदरूनी हलचल की खबरें हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ विधायक अभिनेता-राजनेता थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) को समर्थन देने के पक्ष में हैं. टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े से अभी दूर है.
इसी बीच, तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. खबर है कि डीएमके ने अपने पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके के साथ बैकचैनल बातचीत शुरू कर दी है. हालांकि संभावित गठबंधन को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन दोनों दलों के आंकड़े काफी अहम माने जा रहे हैं. डीएमके के पास 59 सीटें हैं, जबकि एआईएडीएमके के पास 47 विधायक हैं.
इस बीच बुधवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. हालांकि राज्यपाल ने उनसे 118 विधायकों के समर्थन का प्रमाण देने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक, विजय के पास फिलहाल कांग्रेस समेत कुल 112 विधायकों का समर्थन है. कांग्रेस के पांच विधायक पहले ही TVK के समर्थन में आ चुके हैं, लेकिन बहुमत का आंकड़ा अभी भी दूर है.
कांग्रेस से गठबंधन के बाद टीवीके और AIADMK के बीच बातचीत रुकी
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस से गठबंधन तय होने के बाद टीवीके ने फिलहाल एआईएडीएमके के साथ बातचीत रोक दी है, लेकिन दूसरी पार्टियों के साथ लगातार संपर्क जारी है. वहीं डीएमके की सहयोगी पार्टी विद्युथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके)ने गुरुवार की अपनी बैठक रद्द कर दी है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है. वामपंथी दल, जो डीएमके के सहयोगी हैं, शुक्रवार को तय करेंगे कि वे सरकार गठन के लिए टीवीके का समर्थन करेंगे या नहीं.
उधर, टीवीके ने भी अपने विधायकों को मामल्लपुरम के रिजॉर्ट्स में ठहराया है ताकि पार्टी के विधायक एकजुट रहें. तमिलनाडु में जारी इस हाई-वोल्टेज सियासी घमासान के बीच सभी दल बहुमत के ‘मैजिक नंबर’ तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हुए हैं.