महाराष्ट्र में पिछले साल जुलाई महीने में बड़ा उलटफेर हुआ था. शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायकों के एक गुट को लेकर उनके भतीजे अजित पवार महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल हो गए थे. अजित पवार ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम पद की शपथ भी ले ली थी. महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में भी बड़ा उलटफेर हो गया है. बीजेपी को हराने के लिए विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम चलाने और उसे सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाने वाले नीतीश कुमार भी अब एनडीए में शामिल हो चुके हैं.
दो राज्यों में हुए इन बड़े उलटफेर का लोकसभा चुनाव में एनडीए को कितना लाभ मिल पाता है, यह बाद की बात है लेकिन अब राज्यसभा चुनाव में गठबंधन को इसका लाभ मिलता दिख रहा है. बिहार और महाराष्ट्र के बदले समीकरण से एनडीए के लिए छह एक्स्ट्रा सीटों का जुगाड़ बन गया है. दरअसल, चुनाव आयोग ने राज्यसभा की रिक्त हो रहीं 56 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है.
जिन 56 सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें उत्तर प्रदेश की 10, महाराष्ट्र और बिहार की छह-छह, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पांच-पांच, कर्नाटक और गुजरात की चार-चार और ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान की तीन-तीन सीटें हैं. उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ की एक-एक राज्यसभा सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं.
ये भी पढ़ें- नीतीश-BJP सरकार बनते ही पहली परीक्षा, बिहार की 6 राज्यसभा सीटों समेत 56 पर आई चुनाव की तारीख
हिमाचल प्रदेश की जिस सीट के लिए चुनाव होना है, वह जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा होने पर रिक्त हो रही है. हिमाचल प्रदेश विधानसभा का अंकगणित कांग्रेस के पक्ष में है और यह सीट कांग्रेस के पास जाती दिख रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कांग्रेस इस सीट से महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को राज्यसभा भेज सकती है. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा किसी दूसरे राज्य से उच्च सदन जा सकते हैं.
बिहार-महाराष्ट्र में कहां कितनी सीटों का लाभ
बिहार की बात करें तो बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को दो सीटों का लाभ होता नजर आ रहा है. बिहार की जिन छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, उनमें से जेडीयू और आरजेडी के पास दो-दो, बीजेपी और कांग्रेस के पास एक-एक सीटें हैं. जेडीयू की दो सीटें राज्यसभा में एनडीए के संख्याबल में जुड़ेंगी ही, आरजेडी-कांग्रेस की एक-एक सीट भी बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन के खाते में आ जाएंगी. महाराष्ट्र में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन को दो सीटों का लाभ होता दिख रहा है.
ये भी पढ़ें- कौन हैं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के फाउंडर सतनाम सिंह संधू, राष्ट्रपति ने मनोनीत किया राज्यसभा सांसद, PM मोदी ने दी बधाई
इस तरह जेडीयू के साथ आ जाने से एनडीए को बिहार में चार और महाराष्ट्र में अजित के साथ आ जाने से महाराष्ट्र में दो सीटों का लाभ होता दिख रहा है. महाराष्ट्र में जो छह सीटें रिक्त हो रही हैं, उनमें से तीन बीजेपी और एनसीपी, कांग्रेस, शिवसेना के पास एक-एक सीटें हैं. गुजरात में बीजेपी को विधानसभा में संख्याबल बढ़ने का लाभ मिलता नजर आ रहा है और कांग्रेस अपनी दो राज्यसभा सीटें गंवाती दिख रही है. 2 अप्रैल को 50 और 3 अप्रैल को छह राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इनमें 28 राज्यसभा सांसद बीजेपी के हैं. बीजेपी अपनी सभी 28 सीटें बचाती नजर आ रही है.
क्या है राज्यसभा का नंबर गेम
राज्यसभा में बीजेपी के 93 सदस्य हैं और एनडीए का संख्याबल 114 है. कांग्रेस 30 सदस्यों के साथ राज्यसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. तेलंगाना चुनाव में जीत के बाद सूबे से कांग्रेस को दो राज्यसभा सीटों का लाभ हो रहा है लेकिन गुजरात, बिहार और पश्चिम बंगाल में पार्टी एक-एक सीट गंवाती भी दिख रही है. राज्यसभा चुनाव के लिए 8 फरवरी को अधिसूचना जारी की जानी है. अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. मतदान 27 फरवरी को होना है. गौरतलब है कि जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, उनमें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, मनसुख मंडाविया, परषोत्तम रुपाला, वी मुरलीधरन, नारायण राणे, प्रकाश जावडेकर के नाम भी शामिल हैं.