नई दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगने के लिए उनके आवास तक मार्च कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक दिन पहले छात्रों के साथ बर्बरता की, लेकिन न तो इसकी जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराना चाहती है.
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा, 'हम कल छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांगने उनके घर तक मार्च कर रहे हैं. सरकार न तो जवाबदेही तय करना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस कराना चाहती है. प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए इस्तीफा देना चाहिए.'
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की और सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया. वहीं, सरकार की ओर से इस प्रदर्शन पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
कांग्रेस के मार्च और धरना प्रदर्शन के पल-पल के अपडेट यहां जानिए
राहुल गांधी ने कहा- सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, छात्रों को न्याय दिलाने की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मोदी जी, हर ज़ोर आज़मा लो, सारी ताकत लगा लो - छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी."
शाम 7.54 बजे- प्रियंका गांधी और दीपेंद्र हुड्डा को पुलिस मंदिर मार्ग थाने लेकर पहुंची है. सभी प्रमुख कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग ले जाया गया है.
शाम- 7.40 बजे- दिल्ली पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई है. हर गेट पर पुलिस की भारी तैनाती की गई है.
जयराम रमेश ने बोला सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता और एकता मजबूत तरीके से सामने आई है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री संसद में बयान दें और शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली तथा छात्रों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कथित ज्यादती पर विस्तृत चर्चा कराई जाए.
जयराम रमेश ने कहा, "विपक्ष की एकजुटता और एकता बहुत प्रभावशाली तरीके से दिखाई दी है. हमारी मांग रही है और आगे भी रहेगी कि गृह मंत्री इस मुद्दे पर बयान दें तथा शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और कल छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्याचार पर संसद में विस्तृत चर्चा हो."
उन्होंने कहा कि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है. हालांकि, उन्हें ऐसा होता नहीं दिख रहा है. कांग्रेस नेता ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर सरकार की यही सोच और रवैया बना रहा, तो संसद का यह सत्र निश्चित रूप से बाधित होगा."

शाम 7.30 बजे- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के बाद अब न्याय की मांग कर रहे छात्रों और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है.
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'तानाशाह सरकार डर कर कांप रही है. पहले शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद किया, करोड़ों बच्चों का भविष्य बिगाड़ा, 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए, 25 बच्चों की जान चली गई. जब छात्र न्याय मांगने सड़कों पर उतरे तो उन पर लाठीचार्ज किया गया और डंडे बरसाए गए.'
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के गेट बंद कर सांसदों को रोक दिया गया, विपक्ष की साझा बहस की मांग नहीं मानी गई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया गया. खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों पर कथित अत्याचार के मुद्दे पर मौन रहे, जबकि गृह मंत्री की ओर से भी कोई बयान नहीं आया. अब जब कांग्रेस और विपक्ष के सांसद प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे हैं तो उनके सांसदों को घसीट-घसीटकर हिरासत में लिया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक ले जाया गया.
शाम 7.13 बजे- राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रदर्शन की धरना स्थल से कई तस्वीरें सामने आई हैं.

शाम 7.08 बजे- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों की मांगों को सुनें. अखिलेश यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों की मांगों को सुनें। आखिर वे उनकी मांगें क्यों नहीं मान रहे हैं?"
शाम 7.01 बजे- सूत्रों के मुताबिक तीन बसों में प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को बैठाया गया है. बस को एअरपोर्ट भवन ले जाया जा रहा है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है
शाम 7.00 बजे- कांग्रेस ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया है.

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में आरोप लगाया कि "दिल्ली पुलिस ने राहुल जी, प्रियंका जी और हम सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया है। पुलिस यह बताने को भी तैयार नहीं है कि हमारे नेताओं को किस स्थान पर ले जाया जा रहा है."
हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
शाम 7.00 बजे- धरना स्थल को खाली कराया जा रहा है. काफी संख्या में कार्यकर्ता हटा दिए गए हैं. भीड़ छंट गई है.
शाम 6.59 बजे- अखिलेश यादव को बस में ले जाए जाने की फोटो आई है, प्रियंका गांधी को भी बस में बैठाया गया है.

शाम 6,50 बजे- सामने आया है कि इस दौरान राहुल गांधी की नाक में चोट लग गई है.
शाम- 6.47- धरना स्थल खाली कराए जाने का प्रोसेस जारी है, लोगों को हटाया जा रहा है.
शाम 6.40 बजे- राहुल गांधी को धरना स्थल से हटाने के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा जारी है
शाम 6.39 बजे- पुलिस बल राहुल गांधी के पास पहुंचा है. अखिलेश यादव धरने से उठ गए हैं. इसके साथ ही दोनों नेताओं को डिटेन किया गया. राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बस में ले जाया गया है.
शाम 6.38 बजे- पुलिस ने कार्यकर्ताओं को धरने से हटाना शुरू किया.
शाम 6.37 बजे- सपा मुखिया अखिलेश यादव भी कांग्रेस के धरना स्थल पर पहुंच गए हैं.
शाम 6.29 बजे-
कांग्रेस के धरने पर राहुल गांधी से मुलाकात करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बातचीत के बारे में बताया. उन्होंने कहा, 'कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी आदि अचानक ही अकबर रोड के पास एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये हैं.
सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा को देखते हुए मुझे, और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से बात करने भेजा था. राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है.
राहुल गांधी ने यह मांग रखी कि अगर सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें. कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है.
राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा. उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे है- संसद में चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा. जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गई हैं. जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है. जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें.
राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है. सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है. इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है. राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है.
शाम 5.58 बजे- प्रधानमंत्री आवास के करीब कांग्रेस का धरना जा रहा है. सामने आया है कि ये धरना रात भर भी चल सकता है और राहुल गांधी यहां रहेंगे, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है. धरने से कई वीडियो सामने आ रहे हैं.
शाम 5.23 बजे- राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में लोगों से प्रधानमंत्री आवास के सामने चल रहे धरने में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और उनकी आवाज़ को अनदेखा नहीं किया जा सकता. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, "छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है. प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा."
उन्होंने आगे कहा, "मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं, जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, वह प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हो. भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता." राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च और धरना-प्रदर्शन कर रही है. पार्टी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग कर रही है.
शाम 5.18 बजे- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे रहे हैं. वह अभी-अभी कांग्रेस के धरना प्रदर्शन स्थल से लौटे है. यहां उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत की है.
क्या है कांग्रेस की पांच मांगें?
1. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
2. गृहमंत्री का दोनों सदनों में बयान
3. सदन में इस मामले की विस्तृत चर्चा
4. छात्रों के मुद्दे को सुना जाए
5. प्रदर्शन के दौरान हिंसा की निष्पक्ष जांच
शाम 5.05 बजे- कांग्रेस ने अपने धरने के दौरान पांच प्रमुख मांगें रखीं हैं. पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर बयान दें. वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने, छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुने जाने और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की.
शाम 4.35 बजे- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से भी बात कर रहे हैं. इस दौरान लगातार 'इस्तीफा दो' के नारे गूंज रहे हैं. उनके साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी पहुंचे हैं.
शाम- 4.32 बजे- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरना स्थल पर पहुंचे हैं. वह मल्लिरार्जुन खड़गे से बात करके प्रदर्शन शांत करने के लिए मना रहे हैं.

शाम- 4.20- कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदर्शन के दौरान कहा, 'अगर सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो सोचिए छात्रों के साथ क्या हो रहा होगा.'
शाम 4.15 बजे- पीएम आवास के बाहर इस्तीफा दो-इस्तीफा दो के लग रहे नारे
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर कहा कि 'छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ पार्टी सड़क पर उतरी है और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रही है. पोस्ट में कांग्रेस ने लिखा, "इस्तीफा दो... इस्तीफा दो. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने छात्रों पर की गई बर्बरता और जुल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा."
कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है और उसे इसकी जवाबदेही लेते हुए संबंधित मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए.
शाम - 4.13 बजे- बड़ी संख्या में पुलिस बल और लाठियों से लैस रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान मौके पर पहुंचे हैं. भारी पुलिस बल की तैनाती है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने X पर पोस्ट में लिखा-
'कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक और उनकी जायज़ मांगों के साथ है. हम प्रधानमंत्री निवास के बार धरने पर बैठे हैं. इस बुज़दिल तानाशाह सरकार को लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जवाब देना होगा. मोदी-शाह हमारे युवाओं के गुनहगार हैं, उनको इस्तीफ़ा देना पड़ेगा.'
शाम 4.07 बजे- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भी वीडियो सामने आया है, जिसमें वह हाथ बांधकर दोनों हाथ ऊपर उठाए दिख रहे हैं.
शाम 4.02 बजे- प्रधानमंत्री आवास के पास से कांग्रेस के धरने का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में सभी कांग्रेसी एक-दूसरे हाथ बांधते नजर आ रहे हैं.
शाम 4.00 बजे- लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने के बाद पंजाब कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "यह बीजेपी का आतंकवाद है. ये छात्रों की बात नहीं सुनते..."
शाम- 3.50 बजे- सभी कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास के पास एक खुली जगह में इकट्ठा हो गए हैं. यहां सभी नारेबाजी कर रहे हैं.
शाम- 3.44 बजे- सभी कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े. इस दौरान कई कांग्रेस सांसद नजर आए.
शाम 3.30 बजे- कांग्रेस ने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से मार्च निकाला. मार्च की अगुआई राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने की.