मलयालम फिल्मों के दिग्गज अभिनेता ममूटी को लेकर केरल की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है. लेफ्ट समर्थक बताए जा रहे कुछ सोशल मीडिया हैंडल पर अभिनेता की आलोचना के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया है. पार्टी के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने शुक्रवार को कहा कि CPI(M) किसी के खिलाफ संगठित तरीके से ऑनलाइन हमला करने में यकीन नहीं रखती.
तिरुवनंतपुरम में मीडिया से बातचीत के दौरान गोविंदन ने कहा कि ममूटी दुनिया भर में पहचान रखने वाले दिग्गज अभिनेता हैं. अगर उन्होंने किसी मुद्दे पर अपनी नाराजगी या आलोचना जाहिर की है, तो पार्टी उसे सकारात्मक बातचीत के तौर पर देखती है. उन्होंने कहा कि पार्टी सहमति और असहमति, दोनों तरह के विचार रखने वालों से संवाद में विश्वास करती है.
यह विवाद उस समय सामने आया, जब स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेताओं ने हाल ही में ममूटी के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी. इसके बाद अभिनेता और दोनों संगठनों के नेताओं को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनात्मक पोस्ट सामने आए. आरोप लगा कि लेफ्ट से जुड़े साइबर हैंडल उन्हें निशाना बना रहे हैं.
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गोविंदन ने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि समाज के हर वर्ग के लोगों से मिलेंगे. यह संपर्क सिर्फ SFI और DYFI से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं रहेगा और न ही लोगों की राजनीतिक विचारधारा देखकर उनसे बातचीत की जाएगी.
पहले भी विवादों में आए थे अभिनेता
ममूटी को आमतौर पर CPI(M) के विचारों के करीब माना जाता है, लेकिन इससे पहले मार्च में भी उन्हें कथित लेफ्ट समर्थक सोशल मीडिया हैंडल की आलोचना का सामना करना पड़ा था.
उस समय खबरें आई थीं कि वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए बने नए टाउनशिप के निजी दौरे के दौरान CPI(M) के वायनाड जिला सचिव के.रफीक के साथ आने पर ममूटी ने नाराजगी जताई थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर अभिनेता की आलोचना शुरू हो गई थी.
अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि किसी कलाकार या असहमत विचार रखने वाले व्यक्ति को ऑनलाइन निशाना बनाना उसकी राजनीति का हिस्सा नहीं है. ऐसे में सवाल यह है कि ममूटी को लेकर शुरू हुई यह ऑनलाइन बहस आगे केरल की सियासत में कितना असर डालेगी.