इंडिया टुडे और आजतक हेल्थ वेल्थ समिट के मंच पर जब बात सेहत और राजनीति की चली, तो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा अपने चिरपरिचित अंदाज में पूरे फॉर्म में नजर आए. मंच पर जब एंकर ने मौजूदा राजनीतिक हलचल, विपक्ष के लगातार आंदोलनों और राहुल गांधी के तेवर को लेकर सवाल दागा, तो नड्डा ने बिना लाग-लपेट के विपक्ष की कार्यशैली पर करारा हमला बोला. आइए जानते हैं कि सरकार की सेहत के सवाल पर नड्डा ने क्या-क्या कहा...
'राहुल गांधी जो कर रहे हैं, वो हम कॉलेज में करते थे'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष की आक्रामक रणनीति पर तंज कसते हुए जेपी नड्डा ने दो टूक कहा कि विपक्ष के मौजूदा तौर-तरीके परिपक्व राजनीति से कोसों दूर हैं. नड्डा ने कहा, 'राहुल गांधी आज जो कर रहे हैं, वो काम हम कभी कॉलेज के दिनों में किया करते थे! एक देश की मुख्य विपक्षी पार्टी इस तरह से व्यवहार करती है कि 'सड़क पर फैसला होगा'? कल के चुनाव नतीजे देख लीजिए, जनता ने क्या जवाब दिया है.'
'विपक्ष को हमसे ट्यूशन ले लेनी चाहिए'
खुद लंबे समय तक विपक्ष के नेता की भूमिका निभा चुके जेपी नड्डा ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें राजनीति और विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए 'ट्यूशन' की जरूरत है. उन्होंने कहा, 'हम 40 साल तक विपक्ष में रहे हैं, ये लोग हमसे ट्यूशन ले लें. आज विपक्ष की जो हालत है, उस पर मुझे दया (Pity) आती है. ये सिर्फ सड़क पर नहीं, बल्कि विचारों से भी सड़क छाप हो चुके हैं.'
क्रेडिबिलिटी और 'पत्थर मारो-भाग जाओ' वाली राजनीति
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए नड्डा ने कहा कि किसी भी अच्छे विपक्ष की सबसे पहली शर्त अपनी 'क्रेडिबिलिटी' (विश्वसनीयता) साबित करना होती है, जिसे पिछले 10 सालों में कांग्रेस पूरी तरह खो चुकी है. उन्होंने कर्नाटक (महादेवपुरा) का उदाहरण देते हुए कहा कि फर्जी वोटिंग के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन 470 दिन बीत जाने के बाद भी चुनाव आयोग के सामने शपथ पत्र (On Oath) के साथ एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई.
नड्डा ने इसे आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'महाराष्ट्र हो या हरियाणा, बस 'पत्थर मारो और भाग जाओ' वाली राजनीति चल रही है. ये तो हम कॉलेज-यूनिवर्सिटीज में करते थे. चुनाव आयोग ने हैकाथॉन का चैलेंज दिया, तो कांग्रेस या किसी अन्य विपक्षी पार्टी का एक भी नुमाइंदा वहां नहीं गया. इन्होंने राजनीति को मजाक बना रखा है.'
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर जताई शर्मिंदगी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पीएम मोदी पर दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के सबसे पुराने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है. उन्होंने कहा कि मानसिक दिवालियापन इस हद तक पहुंच चुका है कि पूरी पार्टी ऐसे बयानों को जस्टिफाई करने में लगी है.
अंत में राजनीतिक गर्माहट के बीच मंच पर बैठे सैकड़ों युवाओं और मोबाइल से रील बना रहे छात्रों के बीच नड्डा ने बात को वापस सेहत पर मोड़ा. उन्होंने युवाओं को दो बेहद अहम गुरुमंत्र दिए. उन्होंने सलाह दी कि हर शरीर की अपनी तासीर और रिएक्शन होता है, इसलिए अपनी बॉडी को पहचानिए. जिम या वर्कआउट उतना ही करें, जितनी शरीर की क्षमता हो; खुद को बेमतलब स्ट्रेच या 'एब्यूज' न करें.