29 सितंबर, विश्व हृदय दिवस के अवसर पर, आज तक लेकर आ रहा है हेल्थ समिट 2025 - एक प्रभावशाली मंच जो भारत में बढ़ती साइलेंट हेल्थ इमरजेंसी के प्रति जागरुकता बढ़ाएगा. डायबिटीज़ से जूझते 100 मिलियन से अधिक लोग, मोटापा, फैटी लीवर, मानसिक स्वास्थ्य जैसी समस्याओं के बढ़ते मामले और पोषण से जुड़े मिथक, ये तथ्य साफ बताते हैं कि भारत एक अहम मोड़ पर खड़ा है. आजतक हेल्थ समिट 2025 के मंच पर होंगे नीति-निर्माता, चिकित्सा विशेषज्ञ, न्यूट्रिशनिस्ट, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी, जो मिलकर इन चुनौतियों पर गहन चर्चा करेंगे. जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ, एक स्वस्थ भारत बनाने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों और सामूहिक ज़िम्मेदारी पर भी रोशनी डाली जाएगी. कार्यक्रम के सूत्रधार होंगे आज तक के भरोसेमंद चेहरे, जो सुनिश्चित करेंगे दमदार चर्चाएं और स्वस्थ भारत की राह.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की स्टडी में पता चला है कि भारत में ड्रग रेजिस्टेंट बैक्टीरियल संक्रमण मरीजों की मौत का कारण बन रहा है. 2022-2025 के आंकड़ों के अनुसार, 61.1% मरीज कार्बेपनेम-रेजिस्टेंट थे. यानी इन मरीजों पर कई तरह की एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं हो रहा है.
आजतक हेल्थ समिट 2025 में डॉ. सरीन ने बताया कि घी, मक्खन और सरसों का तेल सही मात्रा में खाने से आंत, लिवर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर नियंत्रित रह सकते हैं. छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय तक सेहत बनाए रख सकते हैं.
आजतक हेल्थ समिट 2025 में डॉ. एस.के. सरीन ने बताया कि फैटी लिवर डायबिटीज का एक कारण हो सकता है. लिवर में जमा एक्स्ट्रा फैट इंसुलिन प्रतिरोध, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना जैसी बीमारियों की वजह भी बन सकता है.
आजतक हेल्थ समिट 2025 में, डॉ. राकेश यादव ने बताया कि तेल और घी से पूरी तरह दूर रहने की जरूरत नहीं है. दिल के लिए सफोला, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे अच्छे फैट वाले तेल जरूरी हैं.
आजतक हेल्थ समिट 2025 में, डॉ. अशोक सेठ ने बताया कि युवाओं में हृदय रोग के मामले 200% तक बढ़ गए हैं. उन्होंने कहा कि इसके मुख्य कारण धूम्रपान, मधुमेह, तनाव, प्रदूषण और मोटापा हैं.
जीएलपी-1 दवाएं डायबिटीज और वजन घटाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं. इन दवाओं के प्रभाव और साइड इफेक्ट्स होते हैं. इन्हें केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही लेना चाहिए. एक विशेषज्ञ ने बताया कि उनकी डायबिटीज 2016 में सामने आई थी. उन्होंने 2017 में जीएलपी-1 इंजेक्शन लेना शुरू किया, जिससे डायबिटीज नियंत्रित हुई, लेकिन इंजेक्शन से त्वचा पर निशान पड़ने लगे. बाद में उन्होंने ओरल जीएलपी-1 दवा भी ली, जिससे गैस्ट्रिक समस्याएं हुईं.
स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपनी सेहत में आए बदलाव पर बात की और बताया कि योग और डाइट उनके जीवन का हिस्सा हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के चीनी, तेल और नमक कम करने के आह्वान का भी जिक्र किया. अनुप्रिया पटेल ने कहा कि मोटापा देश और दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसमें देश के 23% पुरुष और 24% महिलाएं प्रभावित हैं. उन्होंने 'हेल्थ इज वेल्थ' के महत्व पर जोर दिया और कहा कि 'ओबेसिटी से सबको मिलकर लड़ना है.'
देश में डॉक्टरों की हड़ताल और वेतन न मिलने की समस्या पर चर्चा हुई, जिससे मरीजों को परेशानी होती है. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य का विषय है और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी समस्याओं का समाधान करें. केंद्र सरकार की भूमिका नीति निर्माण और राज्यों को तकनीकी-वित्तीय सहयोग देने की है. ब्रेन ड्रेन भी एक बड़ी समस्या है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टर विदेश चले जाते हैं.
आजकल एस्थेटिक ट्रीटमेंट्स जैसे बोटॉक्स, फिलर्स और माइक्रो बोटॉक्स की चर्चा आम है. इन ट्रीटमेंट्स की वैज्ञानिकता, किसे और कब कराना चाहिए, इस पर डॉ. किरण लोहिया ने विस्तार से बात की. युवा पीढ़ी में एस्थेटिक ट्रीटमेंट्स के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है. सोशल मीडिया इस रुझान को बढ़ावा दे रहा है, जहाँ लोग अपने दोस्तों के अनुभवों से प्रभावित होते हैं. पहले जहाँ ये ट्रीटमेंट्स मुख्य रूप से महिलाओं से जुड़े थे, अब पुरुष भी बड़ी संख्या में इन्हें अपना रहे हैं.
आजतक के हेल्थ समिट में डॉ. किरन लोहिया ने बताया कि एस्थेटिक ट्रीटमेंट का चलन अब केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा भी बड़ी संख्या में इन उपचारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. 18 साल के युवाओं द्वारा एस्थेटिक ट्रीटमेंट लेने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई है. यह सवाल उठाया गया है कि क्या यह बाहरी दबाव या गहरी असुरक्षा का परिणाम है, क्योंकि "जब आप असुरक्षा को बढ़ावा देते हैं, तो आप अगली असुरक्षा की ओर बढ़ते हैं और यह कभी खत्म नहीं होता."
आजतक के हेल्थ समिट 2025 में योग गुरु रामदेव ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने पतंजलि कंपनी की सफलता का श्रेय योग और कर्मयोग को दिया. उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी 70,000 करोड़ रुपए की है. रामदेव ने दावा किया कि डायबिटीज़ के लिए दवाइयों की आवश्यकता नहीं है और इसे मंडूकासन जैसे योगासनों से नियंत्रित किया जा सकता है.
आजतक के हेल्थ समिट 2025 में योग और फिटनेस पर चर्चा करते हुए, बाबा रामदेव ने अपनी उम्र का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वे जल्द ही 60 वर्ष के होने वाले हैं, लेकिन उनकी फिटनेस 25-30 साल के युवाओं को भी चुनौती दे सकती है. उन्होंने युवाओं को 100 डिप्स लगाने का चैलेंज दिया और कहा कि जो उनके साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं, उन्हें यह करना होगा. देखिए.
बाबा रामदेव ने देश की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियां देश का पैसा बाहर ले जा रही हैं और देश का पैसा देश में ही रहना चाहिए. उन्होंने स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया. बाबा रामदेव ने कहा, "आत्मनिर्भर बनो और उसके लिए आपकी दवाओं पर निर्भरता किसी भी चीज़ पर निर्भरता नहीं होगी." उन्होंने जंक फूड और सिंथेटिक उत्पादों के सेवन से बचने की सलाह दी.
Aajtak Health Summit 2025 के मंच पर मैक्स हेल्थकेयर के एंडोक्राइनोलॉजी हेड डॉ अमरीश मित्तल, नोवा नॉर्डिस्क इंडिया के एमडी विक्रांत श्रोत्रिया और मरीजों डॉ संदीप कॉलरा व सोनाली ने अपने अनुभव साझा किए. यहां चर्चा हुई कि कैसे मोटापे, डायबिटीज और नई दवाओं (GLP-1) को लेकर लोगों की समझ बदलनी चाहिए.
योग गुरु स्वामी रामदेव ने आजतक हेल्थ समिट 2025 में स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया और टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भी घेरा. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने टैरिफ के नाम पर टेररिज्म फैला दिया है.
योग गुरु स्वामी रामदेव ने सोमवार को आजतक हेल्थ समिट के अंतिम सत्र में योग के क्षेत्र में उपलब्धियां गिनाईं और अगला लक्ष्य भी बताया. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक दिन योग की छत के नीचे आएगी, यह हमारा सपना है.
Aajtak Health Summit 2025 में बच्चों की सेहत और उनके बचपन की आदतों पर खास ध्यान दिया गया. इस मौके पर दो राज्यों के मंत्री विश्वास सारंग और धन सिंह रावत सहित कई एक्सपर्ट्स ने बताया कि बचपन में खाया गया खाना, स्क्रीन टाइम और फिजिकल एक्टिविटी सीधे तौर पर पूरे जीवन की हेल्थ को प्रभावित करती हैं. उन्होंने माता-पिता को बच्चों की पोषण और एक्टिव लाइफस्टाइल के महत्व पर जोर देने की सलाह दी.
आजतक हेल्थ समिट 2025 में डॉ. अशोक सेठ ने बताया कि हर हफ्ते 200 मिनट का एरोबिक व्यायाम दिल को मजबूत बनाता है. यह हार्ट अटैक का खतरा कम करता है.
Aajtak Health Summit 2025: रोशनी सांगवान, 75 साल की महिला, सलवार-सूट में स्टेज पर जब 80 किलो वजन उठाती हैं, तो देखने वाले दंग रह जाते हैं. इतनी उम्र में इतनी ताकत और जोश देख हर कोई उनकी ओर तारीफ भरी नजरों से देखता है. उनकी कहानी सिर्फ वजन उठाने तक सीमित नहीं है. ये एक जर्नी है, जिसमें हौसला, लगन के साथ बेटे का प्रेम और मदद भी है जिसने उन्हें फिर से एक्टिव और फिट बना दिया
आजतक हेल्थ समिट 2025 में एक्सपर्ट्स ने बताया कि कैसे संतुलित खाना, खाने में सावधानी और अपने शरीर की सुनना ही आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने, इम्यून सिस्टम मजबूत करने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है.
Aaj Tak Health Summit 2025: वर्ल्ड हार्ट डे पर आजतक हेल्थ समिट में कई एक्सपर्ट और डॉक्टर शामिल हो रहे हैं. एक्सपर्ट ने बताया कि भारत कैसे हार्ट डिजीज का वर्ल्ड कैपिटल बनता जा रहा है.