
भारत में आयोजित BRICS समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया में तेजी से बदलते हालात के बीच ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर कोई ताकतवर है तो इसका मतलब यह नहीं हमेशा सही होगा. उनका कहना था कि इस तरह कि प्रवृति नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि दुनिया एक सदी में नहीं देखे गए बदलावों से गुजर रही है और ग्लोबल साउथ अब दुनिया को बहुध्रुवीय बनाने में बड़ी ताकत बन चुका है.
चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने BRICS देशों से इतिहास की इस पहल को पकड़ने, ग्लोबल साउथ को साथ लाने और दुनिया में स्थिरता के लिए सकारात्मक ताकत बनने की अपील की. जिनपिंग की पूरी बात को 5 बड़ी बातों में समझिए.
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'ताकत के दम पर सही साबित होने की सोच नहीं चलेगी'
जिनपिंग ने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया ऐसी है जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अराजकता तय है. उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए. उन्होंने कहा कि 'ताकतवर है तो सही है' वाली सोच नहीं चल सकती. सभी देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून एक जैसा लागू होना चाहिए और दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए.
UN और ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में सुधार की वकालत
जिनपिंग ने कहा कि सभी देश आकार, ताकत या दौलत की परवाह किए बिना बराबर हैं. उन्होंने UN की भूमिका मजबूत करने, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सभी देशों की बराबर भागीदारी की बात कही. WTO में सुधार और विकासशील देशों की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में आवाज बढ़ाने पर भी जोर दिया.

AI का इस्तेमाल इंसानों की भलाई के लिए हो
जिनपिंग ने कहा कि ग्लोबल साउथ को AI का विकास लोगों की भलाई के लिए करना चाहिए. उन्होंने चीन की ओर से BRICS AI ओपन-सोर्स कम्युनिटी बनाने, बड़े लैंग्वेज मॉडल के विकास और इस्तेमाल में सहयोग, AI ट्रेनिंग और सेमिनार आयोजित करने की पहल का ऐलान किया. उनका कहना था कि नई तकनीक साझा समृद्धि का रास्ता रोशन करे.
चीन की 5 बड़ी पहल
जिनपिंग ने BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच पहलें रखीं. इनमें ओपन-सोर्स AI, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को आसान बनाना, डिजिटल इंडस्ट्री में सहयोग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और साइंस-टेक्नोलॉजी टैलेंट डेवलपमेंट शामिल हैं. चीन BRICS देशों के साथ स्मार्ट फैक्ट्री, डिजिटल स्किल ट्रेनिंग और इंजीनियर तैयार करने में भी सहयोग करना चाहता है.

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चीन ने ग्लोबल साउथ को साथ लेकर चलने का दिया संदेश
जिनपिंग ने कहा कि चीन अपने विकास के अवसर दूसरे देशों के साथ साझा करना चाहता है. उन्होंने बताया कि चीन ने ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव के तहत 2 हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट लागू किए हैं और 120 से ज्यादा देशों के लोगों को इसका फायदा मिला है. उन्होंने कहा कि चीन उच्च स्तर पर दुनिया के लिए खुलता रहेगा और BRICS देशों के साथ मिलकर ग्लोबल साउथ के लिए एकजुट होकर नई ताकत का अध्याय लिखना चाहिए.