फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री की हिंदू धर्म को लेकर हालिया टिप्पणी पर विश्व हिंदू परिषद ने पलटवार किया है. VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने निशाना साधते हुए कहा कि हिंदू धर्म पर ज्ञान न बांटें. उन्होंने यह भी पूछा कि अगर उन्हें धर्म में अंधविश्वास और अवैज्ञानिक बातों पर आपत्ति है तो दूसरे धर्मों में कथित ऐसी प्रथाओं पर भी वह क्यों नहीं बोलते.
उन्होंने कहा, 'विवेक अग्निहोत्री जी आपकी इस बात से सभी सहमत हैं कि धर्म, खास तौर पर हिंदू धर्म पर यहां ज्ञान ना बांटें. यहां सभी ज्ञानी हैं. पर, यह बात फिल्मी दुनिया में रमे लोगों पर भी उतनी ही लागू होती है. दूसरा, जिस अंधविश्वास, चमत्कार, अवैज्ञानिक परिभाषाओं की बात आप कर रहे हैं, क्या वे आपको देश के किसी भी पीर, मजार, मदरसे, चर्च व चंगाई सभाओं में नजर नहीं आए? यदि नहीं, तो कृपया उन असंख्य पीड़ितों से मिलिए जिनकी न सिर्फ आस्था व धर्म बल्कि सब कुछ उन्होंने लील लिया.'
विवेक अग्निहोत्री ने क्या कहा था?
हाल ही में कैंची धाम में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर शेयर करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने काफी तीखी बात लिखी थी. उन्होंने कहा था कि अगर सरकार धर्म पर टैक्स लगाना शुरू कर दे, तो भारत रातों-रात दुनिया का सबसे अमीर देश बन जाएगा. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए आगे लिखा कि ऐसा इसलिए नहीं होगा कि लोग टैक्स भरेंगे, बल्कि इसलिए होगा क्योंकि लोग धर्म के पीछे भागना छोड़कर इनोवेशन, तरक्की, प्रोडक्टिविटी और नए विचारों पर ध्यान देने लगेंगे. लोग किसी चमत्कार या दैवीय मदद के भरोसे बैठने के बजाय खुद मेहनत करके अमीर बनने की कोशिश करेंगे.'
'दूसरों पर टिप्पणी से पहले खुद के भ्रम दूर करें'
VHP प्रवक्ता ने अग्निहोत्री की इस बात से सहमति जताई कि भ्रम का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कहा कि दूसरों पर ऐसी टिप्पणी करने से पहले व्यक्ति को अपने भीतर के भ्रम दूर करने चाहिए. बंसल ने कहा 'आपकी इस बात से भी भला कोई असहमत क्यों होगा कि भ्रम की वैसे भी कोई दवाई नहीं होती. किंतु इसे स्वयं से पहले दूर करना होगा तभी किसी और को कहना उचित है. स्मरण रहे कि हर व्यक्ति को हर जगह पैर नहीं पसारने चाहिए और धर्म के विषय में बोलने से पूर्व तो बहुत जरूरी है कि उसके मर्मज्ञ पूज्य संतों और विद्वानों से आवश्यक ज्ञान अवश्य लेना चाहिए.'