स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के 'अपमान' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. राष्ट्रगीत के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज और नैहाटी से बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी ने इस पर दुख जताया है. उन्होंने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को पत्र भेजकर कांग्रेस नेतृत्व के रवैये का विरोध किया है.
बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर विधायक सुमित्रो चटर्जी के लिखे गए पत्र की तस्वीर शेयर की है. अपने पोस्ट के जरिए उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा है.
अमित मालवीय ने कहा, 'नैहाटी से BJP विधायक और ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रत्यक्ष वंशज सुमित्रो चटर्जी ने स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के प्रति कांग्रेस नेतृत्व के आचरण पर दुख जताते हुए सोनिया गांधी को पत्र लिखा है.'
अमित मालवीय ने आगे लिखा, 'उन्होंने (सुमित्रो चटर्जी) भारत के नागरिकों, खासतौर से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है, क्योंकि ये उस गीत का अपमान है जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना से अटूट रूप से जुड़ा हुआ है. जिस व्यक्ति ने भारत को वंदे मातरम दिया, उनके वंशजों को कांग्रेस को इसकी अहमियत की याद नहीं दिलानी चाहिए.'
भारत के नागरिकों से माफी मांगने की मांग
बता दें कि सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सुमित्रो चटर्जी ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के साथ जो व्यवहार किया गया, उससे देशवासियों और बंगाल की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं. उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है.
पत्र के जरिए उन्होंने मांग की है कि कांग्रेस नेतृत्व को इस हरकत के लिए देश के नागरिकों और पश्चिम बंगाल की जनता से तुरंत और बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.
'हमारा धर्म हमें कुछ खास लाइन गाने की इजाजत न...'
सोनिया गांधी वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस MP इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, 'ये एक सेक्युलर देश है जहां संविधान हर किसी को अपने धर्म को मानने की आजादी देता है. अपने धर्म को मानना हमारा बुनियादी हक है. हो सकता है कि हमारा धर्म हमें कुछ खास लाइन गाने की इजाजत न दे, लेकिन हम उसका अपमान नहीं करते. 1904 से, कांग्रेस के हर सेशन में ‘वंदे मातरम’ गाया जाता रहा है. फिर भी, आपकी सोच के लोगों ने इसे गाने से मना कर दिया क्योंकि ऐसा करने पर लाठीचार्ज होता था.
उन्होंने आगे कहा, 'आपके लोगों ने तिरंगा नहीं फहराया. उन्होंने आजाद हिंद फौज के लिए भर्ती रोकने की पूरी कोशिश की.... खुलेआम... और इसका खुलकर विरोध किया…ये एक ऐतिहासिक सच है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक ऐसी सरकार में मंत्री के तौर पर काम किया जिसमें मुस्लिम लीग भी शामिल थी. आपने 12 साल में वो बर्बाद कर दिया जो हमने 70 साल में बनाया था…7 साल पहले, प्रधानमंत्री ने 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी का वादा किया था. ऐसी इकॉनमी सिर्फ 10% ग्रोथ रेट के साथ ही मुमकिन है। फिर भी, आपकी सरकार के अपने आंकड़े सिर्फ 7.2% की ग्रोथ रेट दिखाते हैं.'