तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सत्तासीन TVK और उसके विधायकों-मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने TVK के सभी 52 विधायकों को 'जोकर' बताते हुए दावा किया कि राज्य के लोगों को कई मंत्रियों के असली नाम तक नहीं मालूम और वे उन्हें उनके उपनामों से पहचानते हैं. इस दौरान उदयनिधि ने अपनी गिरफ्तारी की कोशिश का जिक्र करते हुए सरकार को 'फासीवादी' भी कह दिया.
उदयनिधि स्टालिन ने कहा, 'ताश की गड्डी में आमतौर पर एक या दो जोकर होते हैं, लेकिन यहां सभी 52 जोकर हैं.' उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार भ्रष्ट तरीकों से सत्ता में आई है और हालात ऐसे हैं कि लोगों को यह तक नहीं पता कि कौन मंत्री है और कौन विधायक. उदयनिधि ने अलग-अलग मंत्रियों पर तंज कसते हुए उनके उपनामों का जिक्र किया. उन्होंने पूछा, 'ओटेरी विक्रमादित्यन मंत्री कौन हैं? ब्लैक में लॉटरी टिकट बेचने वाले मंत्री कौन हैं? पायरेटेड VCD बेचने वाले मंत्री कौन हैं? मुरट्टू कट्टई मंत्री कौन हैं? फेस पाउडर लगाने वाले मंत्री कौन हैं? खाकी ट्राउजर वाले मंत्री कौन हैं और संघी मंत्री कौन हैं?'
उन्होंने कहा कि अगर मंत्रियों के वास्तविक नाम लिए जाएं तो शायद लोग उन्हें न पहचानें, लेकिन निकनेम सुनते ही समझ जाते हैं कि किसकी बात हो रही है.
'सुबह 8 बजे पुलिस मेरे घर पहुंच गई'
उदयनिधि ने इस दौरान दो सप्ताह पहले हुई अपनी गिरफ्तारी से जुड़ा घटनाक्रम भी सुनाया. उन्होंने बताया कि डेल्टा क्षेत्र के किसानों के समर्थन में तंजावुर में प्रदर्शन के दौरान उन्होंने करीब 22 मिनट का भाषण दिया था. अगले दिन सुबह करीब 8 बजे पुलिस उनके घर पहुंच गई. उदयनिधि के मुताबिक, पुलिस को देखकर उन्होंने सोचना शुरू किया कि आखिर भाषण में ऐसा क्या कहा था, जिसके लिए गिरफ्तारी होने जा रही है.
क्या कहा था भाषण में.. उदयनिधि ने दी सफाई
उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें डमी मुख्यमंत्री कहा था, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई. मैंने सरकार को बर्बाद और बेशर्म सरकार कहा. मैंने कहा कि आपमें हिम्मत नहीं है और किसानों को सड़क पर छोड़ दिया है. मैंने इसके अलावा कुछ नहीं कहा था. मैंने केवल कहा था कि कावेरी नदी में पानी आना चाहिए.'
उदयनिधि ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने घर के अंदर आकर बताया कि वे तंजावुर में दिए गए भाषण के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार करने आए हैं. इस पर उन्होंने पुलिस से वकीलों के आने तक इंतजार करने को कहा. उन्होंने कहा 'मैं डरने वाला नहीं, गिरफ्तार करने दो'
उदयनिधि के अनुसार, उन्होंने तुरंत अपनी पार्टी की लीगल टीम से संपर्क किया और करीब 9:30 से 9:45 बजे तक वकील उनके घर पहुंच गए. इस बीच एमके स्टालिन ने भी उन्हें फोन किया और गिरफ्तारी से पहले वरिष्ठ वकीलों से चर्चा करने की सलाह दी. उदयनिधि ने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि मैं इन सबसे डरने वाला नहीं हूं. उन्हें मुझे गिरफ्तार करने दीजिए.' इसके बाद पार्टी के वकीलों ने तेजी से मद्रास हाई कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया शुरू की. उन्होंने बताया कि जब गिरफ्तारी के दौरान पत्रकारों ने उनसे प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने इसे 'बहुत बड़ी कॉमेडी' और सरकार की 'नौटंकी' बताया.
सरकार खुद को 'असुरक्षित' महसूस कर रही है- उदयनिधि
उदयनिधि ने विधानसभा के कामकाज पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि सवाल किसी विभाग से पूछा जाता है और जवाब किसी दूसरे विभाग का मंत्री देने लगता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष ही नहीं, 'डमी मुख्यमंत्री' को भी नहीं पता कि कौन किस विभाग का मंत्री है और कौन विधायक. इसके साथ ही उदयनिधि ने पिछले 100 दिनों में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि खड़े होने, चलने, बोलने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने तक के मामलों में लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इतनी असुरक्षित है कि गिरफ्तारी की कार्रवाई मानो किसी तय टाइमटेबल के मुताबिक की जा रही है.