लंदन के सिल्वरस्टोन सर्किट से सामने आई तस्वीरों ने CM विजय के चार दिन के विदेश दौरे को लेकर सियासी सवाल खड़े कर दिए हैं. विजय निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए लंदन गए हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आई उनकी कुछ तस्वीरों को लेकर विपक्ष ने पूछा कि इस दौरे का असल मकसद क्या है.
विजय के लंदन दौरे में कारोबारी लोगों से मुलाकात करने की उम्मीद है. मकसद राज्य में नए निवेश की संभावनाएं तलाशना बताया जा रहा है. मामला तब चर्चा में आया जब सिल्वरस्टोन सर्किट से विजय की तस्वीरें सामने आईं. इन तस्वीरों में वह अभिनेत्री तृषा के साथ नजर आए. ये तस्वीरें अभिनेता अजित के ले मैन्स कप इवेंट की हैं. तस्वीरों के सामने आने के बाद विपक्ष ने दौरे से जुड़े कई सवाल उठाए. सवाल सिर्फ सिल्वरस्टोन जाने को लेकर नहीं है, बल्कि इस बात को लेकर भी है कि निवेश के लिए गए चार दिन के दौरे में कितनी कारोबारी बैठकें हुईं और इससे कितने निवेश की उम्मीद है.
पलानीस्वामी का तंज- 'देखिए कैसे निवेश ला रहे हैं'
AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में विजय के विदेश दौरे का स्वागत किया था. उनका कहना था कि पद संभालने के 100 दिनों के भीतर निवेश लाने के लिए विदेश जाना अच्छी पहल है. इससे राज्य के विकास को बढ़ावा मिल सकता है, साथ ही रोजगार के मौके बन सकते हैं.
हालांकि, सिल्वरस्टोन सर्किट की तस्वीरें सामने आने के बाद उनका रुख बदल गया. उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि मीडिया में जो तस्वीरें आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. इसी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि 'देखिए कैसे निवेश ला रहे हैं'. पलानीस्वामी का सीधा इशारा मोटर रेसिंग इवेंट की उन तस्वीरों की तरफ था, जिनके बाद इस चार दिवसीय विदेश यात्रा के असल मकसद पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
नैनार नागेंद्रन ने पूछा- दौरा सरकारी है या निजी?
भाजपा तमिलनाडु के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के लंदन दौरे पर तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा है कि यह यात्रा आधिकारिक थी या निजी, और इस दौरान सरकारी फंड का इस्तेमाल हुआ या नहीं. उन्होंने कहा कि चर्चा है कि मुख्यमंत्री के साथ कुछ लोग भी गए हैं, लेकिन यह साफ होना चाहिए कि उनके साथ कौन-कौन गया है. चार दिन के छोटे से दौरे पर सवाल उठाते हुए नागेंद्रन कहा कि इतने कम समय में भला कितनी बैठकें हो सकती हैं और इससे राज्य को कितना निवेश मिलने वाला है.
उन्होंने मांग की कि लंदन से लौटने के बाद मुख्यमंत्री को इस यात्रा का पूरा ब्योरा देना चाहिए, ताकि जनता के सामने यह साफ हो सके कि इस ट्रिप से असल में कितना निवेश आने की उम्मीद है.
उदयनिधि स्टालिन ने भी साधा निशाना
तमिलनाडु के लंदन दौरे को लेकर मचे घमासान के बीच डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी मुख्यमंत्री पर करारा हमला बोला है. उन्होंने राज्य में गहराती बिजली की कमी, कटौती और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा.
उदयनिधि का कहना है कि प्रदेश की जनता के सामने रोज नई मुश्किलें खड़ी हो रही हैं, लेकिन सरकार इन पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ बचाव की मुद्रा में है. उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि तमिलनाडु के इतिहास में ऐसा मुख्यमंत्री पहले कभी नहीं देखा गया, जो जनता के सवालों का सामना करने से कतरा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर समस्याओं का जवाब देने के बजाय सरकार और उसके नुमाइंदे उनकी पार्टी तथा नेताओं के खिलाफ सिर्फ मानहानि वाली टिप्पणियां करने में जुटे हैं.