भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (गुरुवार) घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है. सामान्य तौर पर 8 जुलाई तक पूरे देश में मॉनसून पहुंचता है, लेकिन इस बार महज एक दिन की देरी के साथ 9 जुलाई को देश भर में मॉनसून पहुंचा है.
मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून की रफ्तार इस बार काफी एक्टिव रही. उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में शुरुआती देरी के बावजूद, हाल के दिनों में तेज बारिश और मौसमी सिस्टम की वजह से पूरे देश को जल्दी कवर कर लिया है.
IMD के अनुसार, 9 जुलाई को मॉनसून उत्तर अरब सागर के शेष हिस्सों, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ते हुए पूरे भारत में फैल गया है. इस साल मॉनसून ने सामान्य तिथि से सिर्फ एक दिन की देरी से पूरे देश को कवर किया है.
बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआत सामान्यतः 1 जून के आसपास केरल से होती है. इसके बाद धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ता है. भारतीय कृषि, पेयजल उपलब्धता, जलाशयों के जलस्तर और अर्थव्यवस्था के लिए मॉनसूनी वर्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.
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उत्तर भारत में इस बार मॉनसून की रफ्तार जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई की शुरुआत में कुछ दिनों के लिए धीमी पड़ गई थी. हालांकि, बाद में इसमें तेजी आई और मॉनसून ने दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लिया.
दिल्ली में 2 जुलाई को मॉनसून ने दस्तक दी, जिससे भीषण गर्मी और लू से राहत मिली. इसके बाद से ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है. कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं.
पूरे देश में मॉनसून के पहुंचने के साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है. इससे खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलने और जलाशयों के जलस्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है.