लंबे समय से जारी अनशन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की मांग उठा रहे सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा है कि यदि राजनीतिक दल सोमवार को उनसे मुलाकात करते हैं और मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े जवाबदेही के मुद्दे को उठाने का भरोसा देते हैं, तो सोनम वांगचुक कल अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं.
न्यूह एजेंसी PTI के मुताबिक उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके सभी महत्वपूर्ण हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं और ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट में पहले की तुलना में हल्का सुधार देखने को मिला है. हालांकि उनकी स्थिति को देखते हुए अभी भी 24 घंटे डॉक्टर की निगरानी की जरूरत बनी हुई है.
डॉ. मनीषा ठाकुर ने बताया कि वांगचुक के इलाज के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है, जिसमें वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के साथ-साथ एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल हैं. सभी विशेषज्ञों की राय है कि लंबे समय तक भूखे रहने के कारण शरीर पर गंभीर दबाव पड़ता है और इससे कई तरह की मेडिकल जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसे में लगातार निगरानी बेहद जरूरी है ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाकर तुरंत इलाज किया जा सके.
अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में भी कहा गया है कि सोनम वांगचुक को आवश्यक सभी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं, जबकि ब्लड संबंधी जांच में मामूली सुधार दर्ज किया गया है. इसके बावजूद लंबे समय तक चले अनशन के कारण शरीर पर पड़े प्रभाव को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की निगरानी में रखना आवश्यक है.
डॉक्टरों का कहना है कि लंबे उपवास का असर शरीर के कई अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित जटिलता से निपटने के लिए विशेषज्ञों की टीम पूरी तरह तैयार है.
अब सभी की नजर सोमवार पर टिकी है. यदि राजनीतिक दल वांगचुक से मुलाकात कर शिक्षा में जवाबदेही के मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में उठाने का भरोसा देते हैं, तो उनके लंबे समय से जारी अनशन के समाप्त होने की संभावना है. वहीं, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि अनशन समाप्त होने के बाद भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कुछ समय तक मेडिकल निगरानी जारी रखना आवश्यक होगा.