22 अगस्त को पुणे में राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी पर बात करते हुए मनुस्मृति का जिक्र किया. उन्होंने ग्रंथ में महिलाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठाए. अब इसी बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार किया है. उन्होंने मनुस्मृति के दो श्लोक साझा करते हुए राहुल गांधी से उन्हें पढ़ने और समझने को कहा.
दरअसल, पुणे के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने मनुस्मृति का हवाला दिया. उनका कहना था कि इसमें महिला को बचपन में पिता, युवावस्था में पति और बाद में बेटों के अधीन रहने की बात कही गई है.
राहुल गांधी ने इस सोच पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अगर महिला को हर उम्र में किसी न किसी के अधीन रहना है, तो फिर वह कभी स्वतंत्र नहीं हो सकती. इसके बाद उन्होंने महिलाओं की आजादी को देश की बड़ी ताकत बताया. उनका कहना था कि महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने चाहिए. उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा रखकर आगे बढ़ना चाहिए.

बेटी, पत्नी या मां से आगे भी है पहचान
राहुल गांधी ने कहा कि समाज महिलाओं को अक्सर बेटी, पत्नी या मां के दायरे में बांधकर देखता है. यह पहचान गलत नहीं है, मगर पूरी भी नहीं है. आज महिलाएं खेल से लेकर कारोबार तक हर जगह अपनी अलग पहचान बना रही हैं. उनकी अपनी काबिलियत और सपने हैं, इसलिए उन्हें सिर्फ रिश्तों के आधार पर आंकना सही नहीं है.
'भारत की सबसे बड़ी ताकत महिलाएं'
राहुल गांधी ने भारत की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि लोग अक्सर अर्थव्यवस्था, सेना या दूसरी व्यवस्थाओं को देश की ताकत मानते हैं. उनके मुताबिक असली ताकत देश की करीब 70 करोड़ महिलाओं के सपनों, सोच और उनकी जिंदगी की अलग-अलग यात्राओं में है.
निशिकांत दुबे ने श्लोकों से दिया जवाब
राहुल गांधी के बयान के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, 'मनुस्मृति पढ़ना आपसे ना हो पाएगा, राहुल गांधी.' इसके बाद उन्होंने मनुस्मृति के दो श्लोक साझा किए.
पहला श्लोक है- 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः'. इसका अर्थ है कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है.
दूसरा श्लोक है- 'यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः'. इसका अर्थ है कि जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वहां किए गए काम निष्फल हो जाते हैं.
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी से इन श्लोकों को पढ़ने और समझने को कहा. उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि अंग्रेजी भाषा के कारण राहुल गांधी को भारत के वेद, पुराण, ग्रंथ, रामायण और महाभारत की समझ नहीं है.
इस पूरे मामले में दोनों नेताओं की बात का केंद्र महिलाओं की स्थिति और मनुस्मृति है. राहुल गांधी ने मनुस्मृति के जरिए महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाया, जबकि निशिकांत दुबे ने उसी ग्रंथ के श्लोक सामने रखकर उन्हें जवाब दिया.