दिल्ली में पुलिस ने रूस के विदेश मंत्री के नाम पर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित डॉक्टर्ड वीडियो को लेकर वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस का आरोप है कि इस वीडियो के जरिए भारत के खिलाफ भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित की गई. मामले में स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने केस दर्ज किया है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 नवंबर 2026 को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान इस मामले की जानकारी सामने आई. पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया हैंडल @thequotesnews ने दावा किया था कि प्रशांत भूषण के हैंडल @pbhushan1 से रूस के विदेश मंत्री का भारत विरोधी कथित डॉक्टर्ड वीडियो शेयर किया गया है.
BNS की चार धाराओं और IT एक्ट में केस
दिल्ली पुलिस ने FIR नंबर 263/26 दर्ज की है. इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(1)(c), 356 और 340(2) लगाई गई हैं. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम यानी IT Act की धारा 66C के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस का कहना है कि, वीडियो के जरिए भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ सामग्री फैलाने गई है. इससे सार्वजनिक उपद्रव और अफवाहें फैलने की आशंका जताई गई है.
इस मामले में पुलिस अब वायरल वीडियो के सोर्स और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच करेगी. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वीडियो कहां से आया और इसे किस तरह सोशल मीडिया पर साझा किया गया. फिलहाल पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है. वीडियो की वास्तविकता और उसे बनाने या एडिट करने से जुड़े पहलुओं की जांच होनी बाकी है.
क्या है पूरा मामला?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें उन्हें भारत की विदेश नीति और रूस से तेल खरीदने को लेकर आलोचनात्मक बातें कहते दिखाया गया. वीडियो में दावा किया गया कि भारत रूस का सिर्फ व्यापारिक साझेदार है और उसे रूस की विदेश नीति पर सलाह देने का अधिकार नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी यह वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया और इसे भारत के लिए 'करारा तमाचा' बताया. हालांकि, जांच में सामने आया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और उसमें लावरोव के नाम पर फर्जी ऑडियो और बातें जोड़ी गई थीं.
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विदेश मंत्रालय, PIB और रूस के दूतावास ने भी इसे फर्जी बताया. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशांत भूषण के खिलाफ स्पेशल सेल में FIR दर्ज की. पुलिस का आरोप है कि वीडियो के जरिए भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाई गई, जिससे अफवाह और सार्वजनिक उपद्रव फैल सकता था