पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने सऊदी नेतृत्व के साथ क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की है. बातचीत के दौरान उन्होंने एनर्जी ठिकानों पर हो रहे हमलों की निंदा की.
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा तनाव के बीच समुद्री व्यापार के रास्तों को खुला और सुरक्षित बनाए रखना बेहद जरूरी है.
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प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के हितों और उनके कल्याण के लिए निरंतर समर्थन देने पर सऊदी नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया.
ट्रंप से भी की PM मोदी ने बात
मंगलवार को PM मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के महत्व पर भी जोर दिया गया. यह 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बातचीत थी.
अमेरिका-इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. हालांकि, ईरान ने इस हफ्ते कहा है कि “गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज” अगर ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करें, तो उन्हें इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है.
ईरान ने जारी जंग के बीच 5 देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रास्ता देने की बात कही. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है और भारत समेत कुछ मित्र देशों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाज़ों को गुजरने की इजाजत दी है.