पिछले कुछ सालों में महंगाई तेजी से बढ़ी है, लेकिन आम लोगों की कमाई जस की तस बनी हुई है. वहीं ग्लोबल तनाव ने लोगों को और भी महंगाई के चक्रव्यूह में फंसा दिया है. खासकर अमेरिका-ईरान जंग ने ईंधन से लेकर खाद्य पदार्थों के दाम तेजी से बढ़ाया है.
भारत में महंगाई बढ़ना इसलिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि यहां प्रति व्यक्ति महीने की कमाई 15,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच है. वहीं सरकार 81 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन देती है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत में थोड़ी भी महंगाई बढ़ाना, लोगों की मंथली बजट पर बड़ा झटका दे सकता है.
दूसरी ओर, सरकार ने मई 2026 में महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके अनुसार अप्रैल की तुलना में रिटेल और थोक दोनों महंगाई में इजाफा हुआ है. मई में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.93% हो गई, जो अप्रैल में 3.5% थी. वहीं, खाद्य महंगाई 4.8% तक पहुंच गई.

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई में भी बड़ा उछाल आया और यह 9.68% पर पहुंच गई, जो अप्रैल में 8.26% थी. ईंधन, बिजली और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इन दोनों तरह के महंगाई में इजाफा हुआ है. महंगाई बढ़ने का सीधा मतलब आपकी जेब से है, जितनी ज्यादा महंगाई बढ़ेगी आपका खर्च उतना ही बढ़ेगा.
जैसे मान लीजिए आपने कोई सामान 1 साल पहले 100 रुपये में खरीदी थी और महंगाई दर एक साल में 6 फीसदी बढ़ी. ऐसे में अब आपको वो सामान 106 रुपये में मिलेगी यानी आपकी आज 106 रुपये की वैल्यू पिछले साल की तुलना में 100 रुपये ही रह गई. इसी आधार पर आइए समझने की कोशिश करते हैं कि पिछले 10 साल में आपकी महंगाई कितनी बढ़ी है.
10 साल में कितनी बढ़ी महंगाई?
भारत में पिछले 10 सालों औसत महंगाई दर करीब 5 फीसदी से 7 फीसदी तक रही है. इसका सीधा मतलब है कि जो चीज भारत में 10 साल पहले 100 रुपये में मिलती थी, आज उसकी कीमत करीब 150 रुपये से लेकर 170 रुपये हो गई है. यह भी कह सकते हैं कि आज 100 रुपये की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) घटकर 10 साल पहले के 50 से 70 रुपये के बराबर रह गई है.

2016 में 100 रुपये में क्या-क्या खरीद सकते थे?
2026 में 100 रुपये में क्या मिलेगा?