राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश के कई हिस्सों में छापेमारी कर राष्ट्र‑विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. इसके तहत कुल 12 स्थानों पर छापेमारी की गई है. आरोप है कि ड्रोन के जरिए भारत में हथियार और गोला‑बारूद की सप्लाई की जा रही थी.
सिरसा महिला पुलिस स्टेशन ग्रेनेड हमले मामले में NIA ने 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. जांच में पाकिस्तानी साजिशकर्ता, लोकल मॉड्यूल, सोशल मीडिया भर्ती और विदेशी फंडिंग को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
NIA ने जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में श्रीनगर और शोपियां के तीन ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद किए गए. एनआईए के अनुसार संगठन चैरिटी और वेलफेयर गतिविधियों के नाम पर देश-विदेश से फंड जुटाकर उसे आतंक और अलगाववादी गतिविधियों में इस्तेमाल कर रहा था.
जम्मू कश्मीर के शोपिया से एक बड़ी खबर आई है जहां टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है. इन छापेमारीयों में जामिया सिराज उलूम नाम के एक शिक्षण संस्थान को भी शामिल किया गया है, जिसे जमाते इस्लामी संचालित करता है. इस संगठन पर इस साल की शुरुआत में प्रतिबंध लगाया गया था और अब एनआईए ने इसके आवासों और कार्यालयों पर कार्रवाई की है.
NIA ने जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग मामले में बड़ा एक्शन लिया है. NIA ने शोपियां के कई इलाकों में छापेमारी की है. जमात-ए-इस्लामी से जुड़े ठिकानों पर NIA की रेड लगातार जारी है. एक शिक्षा संस्थान पर भी छापेमारी चल रही है जिसे जमात-ए-इस्लामी ही चलाता है.
पहलगाम आतंकी हमले की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है. NIA जांच में सामने आया कि आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को गोली मारी थी. हमले में TRF और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के साथ दो लोकल मददगारों की भूमिका भी उजागर हुई. पढ़ें चार्जशीट में क्या खुलासे हुए?
NIA ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है. इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ पटना की स्पेशल NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. आरोपी भोले-भाले युवाओं को नौकरी के बहाने कंबोडिया ले जाकर फर्जी कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर करते थे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल सीमापार आवाजाही के आधार पर आतंकवाद का आरोप नहीं लगाया जा सकता. बांग्लादेशी प्रवासियों को भारत लाने के मामले में आरोपी को कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिली.
पहलगाम हमले में 3 पाकिस्तानी आतंकियों और स्थानीय मददगारों का हाथ था. हाफिज सईद-मसूद अजहर ने पाकिस्तान से साजिश रची. एनआईए जांच और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सरकार अब सुरक्षा अभेद्य बनाकर आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म कर रही है.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले दक्षिण 24 परगना के भांगर में विस्फोटक मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर अब एनआईए ने इस केस की कमान संभाल ली है.
टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद सांसद राशिद इंजीनियर ने बीमार पिता से मिलने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका दायर की है. पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए के विरोध के बाद उनकी अर्जी खारिज कर दी थी.
बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामले में NIA कोर्ट ने 7 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई. लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लिंक, आतंकी ट्रेनिंग और हमले की योजना का खुलासा हुआ. ये केस जेल के अंदर चल रहे आतंकी नेटवर्क और भर्ती की साजिश को उजागर करता है.
एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने 2023 में बेंगलुरु जेल में कट्टरपंथी बनाने की साजिश में टी. नसीर समेत सात आरोपियों को दोषी करार दिया है. सभी को 7 साल की सख्त कैद और 48 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.
राजस्थान के बाड़मेर में HRRL की क्रूड डिस्टलेशन यूनिट के पास हुई दुर्घटना की जांच केंद्र की जांच एजेंसियां कर रही हैं. NIA की टीम और खुफिया विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर जांच कर रहे हैं. रिफाइनरी में सुरक्षा के लिए CISF के करीब 100 जवान तैनात हैं. स्पार्क अरेस्टर जैसे फायर सेफ्टी उपकरणों की भी जांच की जा रही है.
पहलगाम आतंकी हमले पर NIA की चार्जशीट ने पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर की पोल ही नहीं खोली, बल्कि उसके 25 साल पुराने आतंकी पैटर्न को उजागर किया है. जानिए आतंकवाद की रणनीति, हाइब्रिड मॉडल और भारत की जवाबी तैयारी की पूरी कहानी.
बेंगलुरु में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी केस का खुलासा किया था. जिसमें 4 बांग्लादेशी नागरिकों को अब 3 साल की सजा सुनाई गई है. यह सजा एनआईए की विशेष अदालत ने सुनाई है. जानें कैसे चल रहा था यह अंतरराष्ट्रीय रैकेट.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ममता बनर्जी के लिए पिछली बार से भी ज्यादा मुश्किल साबित होने जा रहा है. SIR, चुनाव आयोग के प्रशासनिक तबादले, और मालदा हिंसा जैसे मसलों ने ममता बनर्जी के सामने चुनौतियां बढ़ा दी हैं - अगर ममता बनर्जी तमाम चुनौतियों से उबर जाती हैं, तो बहुत बड़ी बात होगी.
मालदा हिंसा पर NIA जांच में खुलासा हुआ कि घटना सुनियोजित साजिश थी. मामले में कट्टरपंथी नेटवर्क, भीड़ जुटाने की रणनीति और कई राज्यों तक जुड़े तारों की जांच जारी है.
बिजनौर में एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी रैयान को फांसी की सजा से मुक्त करते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है, क्योंकि अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश करने में विफल रहा.
यह पूरा मामला मालदा जिले के कलियाचक इलाके का है, जहां चुनाव से जुड़े कार्य के दौरान अधिकारियों को भीड़ ने घंटों तक बंधक बनाकर रखा. कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें रिहा कराया जा सका. गुरुवार को मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने ममता सरकार को फटकार लगाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए.
मालदा में SIR से जुड़ा वोटर लिस्ट विवाद पर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. इस दौरान न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकार लगाई और जांच के आदेश दिए हैं.