उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की फेस वैल्यू वाली नकली भारतीय करेंसी मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने मामले में एक और मुख्य आरोपी आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया है. आदेश PNB करेंसी चेस्ट में कॉन्ट्रैक्ट पर ड्राइवर के तौर पर काम करता था.
जानकारी के मुताबिक, आदेश चौधरी सहारनपुर के कुतुब शेर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. NIA अब उससे पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करेंसी चेस्ट तक इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट कैसे पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे.
29 अगस्त को मिले थे 17.29 करोड़ के नकली नोट
मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया था, जब सहारनपुर स्थित PNB करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की फेस वैल्यू की नकली भारतीय करेंसी बरामद हुई थी. इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद बैंक और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था. शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी. इसके बाद PNB ने तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था.
इस मामले में सबसे पहले 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में FIR दर्ज की गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच NIA को सौंप दी गई. NIA ने 3 सितंबर 2026 को केस को अपने हाथ में लेते हुए मामला दोबारा दर्ज किया और जांच शुरू की.
पहले अमित कुमार की हुई थी गिरफ्तारी
NIA इस मामले में इससे पहले अमित कुमार नाम के आरोपी को 7 सितंबर को गिरफ्तार कर चुकी है. अब आदेश चौधरी की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी की जांच एक कदम और आगे बढ़ी है.
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों को करेंसी चेस्ट तक पहुंचाने के पीछे पूरी साजिश किस तरह रची गई, नोट कहां से आए और इन्हें बैंकिंग सिस्टम में पहुंचाने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी. NIA मामले से जुड़े बाकी आरोपियों और संदिग्धों की पहचान कर उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है.