दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं. इसके असर से आने वाले दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में बादलों का लगातार बनना और नमी की बढ़ती मात्रा मॉनसून की प्रगति को मजबूत कर रही है.
उत्तर और मध्य भारत में बने अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulations) इस मौसमी बदलाव को और अधिक सक्रिय बना रहे हैं. इन सिस्टम्स के कारण कई राज्यों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जा रही है और कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी देखने को मिल रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है और मॉनसून की रफ्तार और बढ़ सकती है.
दक्षिण भारत के हिस्सों में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है. तेलंगाना, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में लगातार बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और उमस भरे मौसम से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, भारी बारिश के चलते स्थानीय स्तर पर जलभराव और सामान्य जीवन पर असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है.
उधर उत्तर भारत के कुछ राज्यों में मौसम पूरी तरह अलग रुख दिखा रहा है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. अचानक बदलते मौसम के कारण दृश्यता में कमी आ सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ने की संभावना है.