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खत्म हुआ बारिश का मौसम, जानिए इस बार कितनी पड़ेगी ठंड

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव का मुकाबला करने वाले सकारात्मक कारकों के साथ, 2023 का मानसून 94.4 प्रतिशत बारिश दर्ज करने के साथ समाप्त हुआ, जिसे ‘‘सामान्य’’ माना जाता है. उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उप-विभागीय क्षेत्र के 73 प्रतिशत हिस्से में सामान्य वर्षा दर्ज की गई.

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भारत में समाप्त हुआ बारिश का मौसम (फाइल फोटो)
भारत में समाप्त हुआ बारिश का मौसम (फाइल फोटो)

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि देश में चार महीने का मानसून सीजन अब समाप्त हो चुका है. इस बार सामान्य वर्षा दर्ज की गई है. विभाग के मुताबिक, लंबे समय तक बारिश का औसत 868.6 मिलीमीटर (मिमी) रहा है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 820 मिमी का रहा.

अलनीनो का असर, ठंड कम पड़ने की उम्मीद
विभाग ने बताया कि सकारात्मक कारकों के बावजूद, अल नीनो से देश में मानसून की बारिश पर बहुत असर नहीं पड़ा है. लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 94 प्रतिशत से 106 प्रतिशत के बीच बारिश को सामान्य माना जाता है. आइएमडी के मुताबिक, अल नीनो की स्थिति के कारण इस साल सर्दी कम पडे़गी. शीत लहर भी बहुत अधिक नहीं होगी, इसके साथ ही ठंडे दिनों में भी कमी दर्ज किए जाने की उम्मीद है.

73 प्रतिशत हिस्से में सामान्य वर्षा की गई दर्ज
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव का मुकाबला करने वाले सकारात्मक कारकों के साथ, 2023 का मानसून 94.4 प्रतिशत बारिश दर्ज करने के साथ समाप्त हुआ, जिसे ‘‘सामान्य’’ माना जाता है. उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उप-विभागीय क्षेत्र के 73 प्रतिशत हिस्से में सामान्य वर्षा दर्ज की गई, जबकि 18 प्रतिशत में कम बारिश देखी गई. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य 1,367.3 मिमी की तुलना में 1,115 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 18 प्रतिशत कम है.

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मध्य भारत में सामान्य बारिश 981.7 दर्ज की गई
उत्तर पश्चिम भारत में लंबी अवधि के औसत 587.6 मिमी के मुकाबले 593 मिमी बारिश दर्ज की गई. मध्य भारत में सामान्य बारिश 978 मिमी के मुकाबले 981.7 मिमी दर्ज की गई. मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीप में आठ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. विभाग ने भारत के लिए सामान्य मानसून का अनुमान जताया था, भले ही यह सामान्य से कम हो,  हालांकि इसने आगाह किया था कि अल नीनो, दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में पानी का गर्म होना, दक्षिण पश्चिम मानसून के उत्तरार्ध को प्रभावित कर सकता है. 

अगस्त दर्ज किया गया सबसे गर्म महीना
अल नीनो की स्थिति भारत में कमजोर मानसूनी हवाओं और शुष्क परिस्थितियों से जुड़ी है. अगस्त 2023, 1901 के बाद से सबसे शुष्क महीना और भारत में अब तक का सबसे गर्म महीना दर्ज किया गया था, जिसका कारण अल नीनो की स्थिति को मजबूत करना है. कई निम्न दबाव प्रणालियों और ‘मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) के सकारात्मक चरण के कारण सितंबर में अधिक बारिश हुई थी.एमजेओ एक समुद्री-वायुमंडलीय घटना है जो दुनियाभर में मौसम की गतिविधियों को प्रभावित करती है.

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