नागरिक उड्डयन मंत्रालय और राज्य सरकारों के बीच मॉडिफाइड UDAN स्कीम के तहत एक MoU यानी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस स्कीम में राज्यों की भूमिका अब पहले से ज्यादा सक्रिय की गई है.
क्या है मॉडिफाइड UDAN स्कीम
मॉडिफाइड UDAN स्कीम के तहत अब राज्य सरकारों को अपने-अपने राज्यों में ऐसे एयरस्ट्रिप या एयरोड्रोम की पहचान करनी होगी जहां हवाई सेवाएं शुरू करने की ज्यादा संभावनाएं हैं. राज्यों से मिले सुझावों और यात्रियों की मांगों के मुताबिक इन परियोजनाओं को विकसित करने और उनकी क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी.
राज्य सरकारों को अब जमीन आवंटन, अधिग्रहण, सड़क और दूसरे इंफ्रास्ट्रंक्चर कार्य, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम करना होगा. इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी भी लेनी होगी. इसमें चैलेंज मोड को भी अपनाया जाएगा. चैलेंज मोड के तहत राज्य सरकारें उन जगहों की पहचान करेंगी, जहां एयरपोर्ट या अन्य हवाई सेवा शुरू करने की ज्यादा जरूरत है. पूर्णिया इसका उदाहरण है, जहां यात्रियों की मांग ज्यादा होने के कारण परियोजना को व्यवहारिक बनाने में मदद मिलती है.
मॉडिफाइड UDAN स्कीम का उद्देश्य क्या है?
राज्यों की ओर से चिह्नित किए गए एयरस्ट्रिप या एयरोड्रोम से जुड़ी परियोजनाओं की प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही दूसरे एयरपोर्ट को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा. मॉडिफाइड UDAN स्कीम का एक उद्देश्य यह भी है कि जिन एयरपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं शुरू की जा रही हैं वह लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहें. वहीं, UDAN स्कीम के तहत कम सेवा वाले एयरपोर्ट को दोबारा सक्रिय करने की पहल शुरू की गई है.
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UDAN स्कीम की शुरुआत 2016 में की गई थी. इसका मकसद ज़िलों और दूर-दराज़ के इलाकों को हवाई कनेक्टिविटी देना, नई टूरिस्ट जगहों को जोड़ना और स्वास्थ्य सुविधाओं और बिज़नेस तक बेहतर पहुंच बनाना था. इस स्कीम के तहत 687 से ज़्यादा हवाई रूट और 97 एयरपोर्ट्स को जोड़ा गया था. हालांकि कुशीनगर और मुरादाबाद जैसी जगहों से कुछ सबक भी मिले हैं, जहां एयरपोर्ट बंद हो गए हैं.
मॉडिफाइड UDAN स्कीम के तहत मिलेंगी यह सुविधाएं
3 साल की सहायता के बजाय, अब मॉडिफाइड UDAN स्कीम के तहत रूट को 5 साल तक वित्तीय सहायता मिलेगी. VGF यानी 'वायबिलिटी गैप फंडिंग', वह आर्थिक मदद है जो केंद्र सरकार एयरलाइंस को UDAN रूट पर उड़ानें संचालित करने के लिए देती है. VGF की अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है.
VGF के बदले हुए मॉडल का मकसद लागत को धीरे-धीरे बढ़ाना है. भारतीय यात्री कीमत को लेकर संवेदनशील होते हैं. अगर कीमतें दो साल में धीरे-धीरे बढ़ती हैं, तो यात्रियों को अचानक किराया बढ़ने का झटका नहीं लगता.
क्या बोले राम मोहन नायडू
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने UDAN स्कीम के अगले चरण को लागू करने को लेकर साफ कहा कि 21 राज्यों ने MoU पर साइन किए हैं. और पिछले 10 सालों में UDAN के तहत 90 एयरपोर्ट बनाए गए हैं. राम मोहन नायडू का कहना है कि अब प्रोजेक्ट्स 18 महीने के अंदर पूरे किए जाएंगे. इस स्कीम के तहत हेलीपोर्ट भी बनाए जाएंगे.