भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने नीरव मोदी को डिपोर्ट कराने, यूक्रेन में लापता भारतीयों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कराए जा रहे चुनाव पर भारत सरकार का रुख सामने रखा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने भरोसा दिलाया कि नीरव मोदी को जल्द भारत लाया जाएगा.
भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'यूके में एक कानूनी प्रक्रिया चल रही है. हम उस कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं. जैसे ही ये प्रक्रिया पूरी होगी, हम नीरव मोदी को डिपोर्ट करा लेंगे. हम चाहते हैं कि वो भारतीय कानून का सामना करे.'
इसके साथ ही, यूके की पूर्व गृह सचिव प्रीति पटेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि किसी भी देश से अपने नागरिकों के देशनिकाले या प्रत्यर्पण के लिए भारत एक तय प्रक्रिया का पालन करता है.
यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट में लापता भारतीयों की तलाश जारी
वहीं, विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट के पास हुई हालिया घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वहां से लापता दो भारतीयों की लगातार खोज की जा रही है. भारत सरकार दोनों नागरिकों का पता लगाने के लिए वहां के स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है.
PoK में चुनाव पर भारत की कड़ी आपत्ति
इसके साथ ही भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी चुनावी प्रक्रिया को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने इस पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अटूट और अविभाज्य अंग है.
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जयसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाके में कराया जा रहा ये चुनाव और कुछ नहीं, बल्कि वहां के कुशासन और मानवाधिकारों के दमन को छिपाने की एक नाकाम कोशिश है. उनके मुताबिक इस तरह के ढोंग से जमीनी हकीकत बदलने वाली नहीं है.