मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. कामजोंग जिले में बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे आगजनी की घटना सामने आई. पुलिस के मुताबिक, चस्साद गांव के पास स्थित खोईकाई कुकी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने की घरों को आग के हवाले कर दिया.
घटना के बाद इलाके में एक बार फिर तनाव बढ़ गया. फिलहाल अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आग की चपेट में कितने घर आए और उन्हें कितना नुकसान पहुंचा है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान को लेकर भी अभी कोई जानकारी नहीं दी है.
बता दें कि खोइकाई गांव पहले ही खाली हो चुका था. कुकी और नागा समुदायों के बीच बढ़ते टकराव के कारण स्थानीय लोग अपने घर छोड़कर चले गए थे. ऐसे में गांव में आगजनी की इस घटना ने हालात को लेकर चिंता और बढ़ा दी है. फिलहाल घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और अभी पूरे नुकसान का आकलन किया जाना बाकी है.
यह भी पढ़ें: मणिपुर में 3 मैतेई लोगों की हत्या, CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
कई जिलों में जारी है जातीय तनाव
मणिपुर में इस साल की शुरुआत से कुकी और नागा समुदायों के बीच जातीय झड़पों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस दौरान दर्जनों घर भी जलाए गए हैं. तमेंगलोंग, नोनी, कांगपोकपी, उखरुल और कामजोंग समेत राज्य के कई जिले इस हिंसा से प्रभावित रहे हैं. लगातार हो रही घटनाओं के कारण प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनके घर लौटने की स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं.
फिलहाल खोईकाई गांव में आगजनी की घटना से एक बार फिर तनाव जैसे हालात बने हुए हैं. अब जांच से ही पता चलेगा कि इस घटना के पीछे कौन था और कितने परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचा है.