केरलम के पठानमथिट्टा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. मल्लप्पल्ली इलाके में ग्रेनाइट सिल्लियों की कमी होने पर एक व्यापारी कब्रों से ग्रेनाइट चुरा रहा था. उसने दो और लोगों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया.
कीझवैपुर पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में मल्लप्पल्ली में दुकान चलाने वाला कन्याकुमारी निवासी जलाल सिंह उर्फ सुंदर, पश्चिम बंगाल निवासी सुरजीत बर्मन और मल्लप्पल्ली निवासी सजीत शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान सुरजीत ने पर जुर्म कबूल कर लिया है. इसके साथ ही उसने दूसरे आरोपियों के शामिल होने का भी खुलासा किया है.
चर्च से चुरा रहे थे स्लैब
जानकारी के मुताबिक, लोगों ने शनिवार रात मल्लप्पल्ली के पास एनिकाडू स्थित सेंट थॉमस मार थॉमा चर्च में अन्नम्मा कुरियन की कब्र से 6 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ी काले रंग की ग्रेनाइट स्लैब चुरा ली. रविवार सुबह जब लोग प्रार्थना के लिए कब्रिस्तान पहुंचे, तो उन्हें स्लैब गायब मिली.
उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दुकान मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी चोरियां
क्षेत्र में कब्रों से ग्रेनाइट चोरी का ये कोई पहला मामला नहीं था. इससे पहले जुलाई महीने में भी वेंगलस्सेरी के मार थॉमस चर्च और मनकुझिप्पडी के ज़ायन मार थॉमा चर्च के कब्रिस्तानों से ग्रेनाइट की सिल्लियां चोरी हुई थीं.
पुलिस को शुरुआत से ही सुंदर पर शक था, क्योंकि उसने ही उन कब्रों के लिए ग्रेनाइट स्लैब की सप्लाई की थी. पुलिस को सुरजीत की संलिप्तता का भी पता चला था, लेकिन वो जुलाई में बंगाल भाग गया था. हाल ही में उसके लौटने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, जिसके बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
आरोपियों की अनोखी और शातिराना तरकीब
पुलिस ने सुंदर के गोदाम से एक चुराई गई स्लैब बरामद की है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी खुद ही सिल्लियां सप्लाई करते थे और उन्हें जानबूझकर कंक्रीट से ठीक से फिक्स नहीं करते थे ताकि बाद में आसानी से चुरा सकें. वो उन पर नाम भी गहरा नहीं उकेरते थे, जिससे दोबारा बेचते समय बदलाव किया जा सके.
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आरोपी चुराई गई सिल्लियों को ले जाने के लिए 7-सीटर कार का इस्तेमाल करते थे. वो कार की सभी सीटों को मोड़कर उसमें स्लैब रख लेते थे. पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब पुरानी चोरी का एक पीड़ित, सुंदर के पास ही नई स्लैब खरीदने पहुंच गया. उसे अंदाजा नहीं था कि उसकी रिश्तेदार की कब्र से स्लैब चुराने वाला सुंदर ही था. सुंदर ने उसे दूसरी स्लैब बेच दी.