केरल में अब AI के दुरुपयोग और साइबर हमलों पर शिकंजा कसा जाएगा. राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को कहा कि राज्य सरकार AI और साइबर दुनिया के बढ़ते दुरुपयोग की गंभीरता से जांच करेगी. राज्य पुलिस की साइबर सेफ केरलम पहल के जरिए जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
तिरुवनंतपुरम में विधानसभा के प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक वी एस जॉय के सवाल पर चेन्निथला ने कहा कि इस पहल का मकसद लोगों, समाज और संस्थानों में जिम्मेदार और टिकाऊ डिजिटल समाज तैयार करना है.
उन्होंने AI और साइबर दुनिया के दुरुपयोग को गंभीर समस्या बताया. उन्होंने कहा कि सरकार इसकी जांच कर ऐसे मुश्किलों से निपटने के कदम उठाएगी. डिजिटल मंचों का इस्तेमाल लोगों में दुश्मनी फैलाने और धार्मिक समुदायों के बीच टकराव पैदा करने के लिए भी बढ़ रहा है.
चेन्निथला ने कहा, "साइबर दुनिया में लोग किसी के बारे में कुछ भी कह सकते हैं और लोगों या धर्मों के बीच दुश्मनी पैदा कर सकते हैं. इससे इसका दुरुपयोग लगातार बढ़ रहा है. साइबर सेफ केरलम योजना का मकसद इस समस्या से निपटना और लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाना है. राज्य पुलिस की साइबर शाखा ने हाल में यह परियोजना शुरू की है और विशेषज्ञों से सलाह के बाद इसका विस्तार किया जाएगा.
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'साइबर बुलिंग और फ्रॉड में केरलम आगे'
समस्या पर बात करते हुए मंत्री ने माना कि साइबर उत्पीड़न और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी समेत कई अपराध केरलम के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक हैं. उन्होंने कहा, "साइबर अपराध बढ़ रहे हैं. ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे हैं.
इसीलिए सरकार ने सत्ता में आने के तुरंत बाद साइबर सेफ केरलम पहल शुरू की." जागरूकता पैदा करना इन अपराधों और उनके दुरुपयोग को प्रभावी ढंग से रोकने का पहला कदम है. चेन्निथला ने कहा कि 100 प्रतिशत साक्षरता के बावजूद केरलम में डिजिटल खाई बनी है, जिससे बड़ी संख्या में लोग साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं.