केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बीजेपी के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है. कुछ महीने पहले जिस पार्टी ने 45 साल से चले आ रहे लेफ्ट के दबदबे को खत्म कर नगर निगम की सत्ता हासिल की थी, अब उसी के एक पार्षद ने इस्तीफा दे दिया है. मेयर पद नहीं मिलने से नाराज बताई जा रहीं महिला पार्षद के इस फैसले के बाद बीजेपी नेतृत्व उन्हें मनाने में जुट गया है.
यह पूरा मामला मेयर पद को लेकर है. इस्तीफा देने वाली आर. श्रीलेखा ने पहले बताया था कि वह शुरुआत में नगर निगम का चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थीं. हालांकि, पार्टी नेताओं के बार-बार मनाने पर वह चुनाव लड़ने के लिए राजी हुईं. उनके मुताबिक, उन्हें भरोसा दिया गया था कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में वह बीजेपी का चेहरा होंगी और मेयर पद के लिए उनके नाम पर विचार किया जाएगा.
लेकिन चुनाव में जीत के बाद बीजेपी ने वी.वी. राजेश को मेयर चुना. इसके बाद श्रीलेखा ने मेयर पद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. हालांकि, उस समय उन्होंने कहा था कि वह पार्षद पद नहीं छोड़ेंगी, क्योंकि उन्हें वोट देने वाले लोगों के लिए काम करना है. उन्होंने पार्टी के फैसले को स्वीकार करने की बात भी कही थी.
शनिवार को श्रीलेखा ने अपना इस्तीफा तिरुवनंतपुरम के मेयर वी.वी. राजेश को सौंप दिया. उन्होंने निगम को बताया कि वह सोमवार को इस्तीफे की एक कॉपी जिला कलेक्टर को भी देंगी. हालांकि, उनका इस्तीफा तभी आधिकारिक होगा, जब वह इसे निगम सचिव को सौंपेंगी. बीजेपी नेतृत्व ने इस मामले में दखल दिया है और श्रीलेखा को इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है.
क्या बीजेपी के लिए बढ़ सकती है मुश्किल?
तिरुवनंतपुरम नगर निगम में कुल 101 सीटें हैं. यहां बहुमत के लिए 51 पार्षदों का समर्थन जरूरी है. चुनाव में बीजेपी को 50 सीटें मिली थीं, जबकि CPI(M) के नेतृत्व वाले LDF को 29 और कांग्रेस को 19 सीटें मिली थीं. बीजेपी ने एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से नगर निगम में अपनी सरकार बनाई थी. मेयर वी.वी. राजेश को भी चुनाव में 51 वोट मिले थे. अगर श्रीलेखा का इस्तीफा आगे बढ़ता है, तो निगम में बीजेपी के पार्षदों की संख्या घटकर 48 रह जाएगी. इससे निगम में पार्टी की स्थिति और कमजोर हो सकती है. यही वजह है कि बीजेपी नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि वह अपना इस्तीफा वापस ले लें. पार्टी के पास सोमवार तक इस मामले को सुलझाने का समय है.
पहली महिला IPS अधिकारी रही हैं श्रीलेखा
आर श्रीलेखा केरलम की पहली महिला IPS अधिकारी हैं. वह तीन दशक से ज्यादा समय तक पुलिस सेवा में रहीं और 2020 में पुलिस महानिदेशक के पद से रिटायर हुईं. उन्होंने अक्टूबर 2024 में BJP जॉइन की थी. इसके बाद उन्हें पार्टी की केरलम इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया. नगर निगम चुनाव के दौरान श्रीलेखा BJP के प्रमुख चेहरों में शामिल थीं. उन्होंने सस्थामंगलम वार्ड से बड़े अंतर से जीत हासिल की थी. चुनाव प्रचार के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच भी साझा कर चुकी हैं.