कर्नाटक सरकार दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर राज्य में 'कर्नाटक मंडपम' बनाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार इसके लिए जक्कूर, मैसूर लैम्प्स या NGEF परिसर में जगह तलाश रही है. प्रस्तावित जगह मेट्रो स्टेशन के पास रखने पर भी विचार किया जा रहा है. सरकार का मकसद राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देना और कर्नाटक की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया के सामने पेश करना है.
डीके शिवकुमार ने विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित पहले कर्नाटक पर्यटन पुरस्कार समारोह का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कला, संस्कृति और मनोरंजन समेत पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य का पर्यावरण उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है और पर्यटन को बढ़ावा देते हुए इसकी सुरक्षा जरूरी है.
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कोडागु और मलनाड में भी पर्यटन बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोडागु और मलनाड क्षेत्र में भी पर्यटन को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है. हालांकि, इस दौरान पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पर्यटन लोगों के मन और आंखों को खुशी देता है और राज्य की प्राकृतिक संपदा को दुनिया के सामने लाने की जरूरत है.
उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में दो लाख से ज्यादा विदेशी पासपोर्ट धारक काम कर रहे हैं. सरकार नए होटलों को भी बढ़ावा देना चाहती है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत नए होटलों को दो से तीन महीने में जरूरी मंजूरी देने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है.
360 किलोमीटर लंबा समुद्री तट बनेगा पर्यटन का बड़ा आधार
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक के पास 360 किलोमीटर लंबा समुद्री तट है, लेकिन इसका पूरी तरह इस्तेमाल अभी नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने Coastal Malnad Karnataka Tourism Policy-2026 को मंजूरी दी है. इसके तहत तटीय और मलनाड इलाकों की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा का इस्तेमाल पर्यटन को बढ़ाने के लिए किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं को 'इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' देने का फैसला किया गया है. CRZ यानी Coastal Regulation Zone से जुड़े नियमों के कारण आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार केंद्र से भी मदद मांगेगी. इसके लिए केरल और गोवा में लागू नीतियों का भी हवाला दिया जाएगा.
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बेंगलुरु में कन्वेंशन सेंटर और एशिया का सबसे ऊंचा स्काई डेक
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में एक बड़े कन्वेंशन सेंटर की स्थापना की बात भी कही. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अगले सप्ताह कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के साथ बैठक में चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि BookMyShow की टीम ने बेंगलुरु में सालाना 25 से 30 शो कराने की संभावना पर चर्चा की है, जिसमें Coldplay जैसे बड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं.
इसके अलावा सरकार एशिया के सबसे ऊंचे स्काई डेक प्रोजेक्ट के लिए भी जगह तलाशेगी. इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के तहत लागू करने की योजना है. शिवकुमार ने कहा कि टूरिस्ट गाइड और टैक्सी ड्राइवरों को पर्यटन के एंबेसडर के तौर पर पहचान देने की जरूरत है, ताकि कर्नाटक की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाया जा सके.