भारत मंडपम (Bharat Mandapam) नई दिल्ली के प्रगति मैदान परिसर में स्थित एक बड़ा सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र है. इसका उद्घाटन वर्ष 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले किया गया था. यह केंद्र उसी स्थान पर बनाया गया है, जहां पहले प्रसिद्ध "हॉल ऑफ नेशंस" स्थित था. हॉल ऑफ नेशंस को वर्ष 2017 में हटाया गया था, जिसके बाद इस स्थान के पुनर्विकास का कार्य शुरू हुआ.
भारत मंडपम, प्रगति मैदान के विस्तृत परिसर का हिस्सा है. नए भारत मंडपम का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 3.90 लाख वर्ग मीटर है. परिसर में एक बड़ा बैठक कक्ष मौजूद है, जिसमें एक साथ लगभग 7,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा यहां छह आधुनिक प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं, जिनका कुल प्रदर्शनी क्षेत्र करीब 1.50 लाख वर्ग मीटर है.
सितंबर 2023 में आयोजित जी-20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन का आयोजन भी इसी परिसर में किया गया था. इस कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया था.
भारत मंडपम जिस प्रगति मैदान परिसर का हिस्सा है, वह लगभग 150 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. यह परिसर ऐतिहासिक पुराना किला के सामने स्थित है. पहले यहां नेहरू पवेलियन, डिफेंस पवेलियन, इंदिरा पवेलियन और सन ऑफ इंडिया पवेलियन जैसे कई भवन मौजूद थे. परिसर में एक ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी हॉल, भोजनालय और विभिन्न आयोजन स्थलों की भी व्यवस्था रही है.
प्रगति मैदान लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां हर साल 70 से अधिक बड़े आयोजन और प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं. इनमें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) सबसे प्रमुख माना जाता है, जिसमें हजारों प्रदर्शक और लाखों आगंतुक भाग लेते हैं.
भौगोलिक रूप से प्रगति मैदान मथुरा रोड और भैरों मार्ग के बीच स्थित है. इसके निकट रेलवे लाइन और मेट्रो कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है, जिससे यहां पहुंचना आसान होता है. आज भारत मंडपम देश के प्रमुख सम्मेलन, प्रदर्शनी और वैश्विक आयोजनों के केंद्र के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है.
दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन की सुरक्षा अभूतपूर्व होगी. इसके लिए 25 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं. मेहमानों की सुरक्षा के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट, एंटी-एयरक्राफ्ट गन और एंटी सबोटाज टीमें तैनात की गई हैं.
BRICS सम्मेलन 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होगा. विदेशी मेहमानों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली में 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित रहेंगी और 22 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा. कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल विदेश मंत्रालय ने जारी किया है.
12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन होगा..करीब 30 सदस्य और पार्टनर देशों के नेता दिल्ली पहुंचेंगे,विदेशी प्रतिनिधि 11 सितंबर से पहले आना शुरू करेंगे.. यही वजह है कि दिल्ली के कारोबारी चाहते हैं कि बैठकों के बीच अगर मेहमानों को थोड़ा वक्त मिले...तो वो चांदनी चौक की गलियों तक जरूर आएं.
दिल्ली का भारत मंडपम, जो 2023 में G20 सम्मेलन के जरिए दुनिया के सामने आया था, अब 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है. भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जिसका थीम मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास है.
इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है. भारत की अध्यक्षता में होने जा रहे इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सदस्य देशों के साथ ही साझेदार देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत आ सकते हैं.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस महीने भारत आएंगे. वह नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. भारत इस साल ब्रिक्स का अध्यक्ष है. यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा.
दिल्ली में भारत मंडपम से सभी NDA सांसद तिरंगा बाइक रैली करने जा रहे हैं. हर घर तिरंगा अभियान के तहत सांसद ये रैली कर रहे हैं. भारत मंडपम से रैली की शुरूआत हो रही है और नेशनल स्टेडियम तक सांसद जाएंगे. सांसदों का ये अभियान हर घर तिरंगा अभियान का ही हिस्सा है. NDA सांसदों की ये तिरंगा बाइक रैली मंगल मिलन कार्यक्रम के बाद हो रहा है, जिसमें पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने तिरंगा लहराया.
Ranbir Kapoor ने फिल्म ‘रामायण’ में अपने किरदार को समझने के लिए Kumar Vishwas से पूछा कि राम भगवान हैं या इंसान। लंबी चर्चा के बाद उन्होंने कहा—“राम सबकुछ हैं”, जिससे उनके किरदार की गहराई समझने की झलक मिली।
PM नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूरे होने पर देश की जनता का आभार जताया। दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत की धीमी विकास दर को 'हिंदू ग्रोथ रेट' कहना गलत था और इसे 'कांग्रेस ग्रोथ रेट' कहा जाना चाहिए था।