काला सागर (ब्लैक सी) से गुजरते समय एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई. यह घटना 18 जुलाई को हुई. इसके बाद सरकार ने कमर्शियल शिपिंग पर हमलों की कड़ी निंदा की और नाविकों की सुरक्षा की मांग की.
शुक्रवार को एक बयान में विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि एमवी ओमोर्फी नाम का जहाज रूसी जलक्षेत्र में चल रहा था, तभी उस पर हमला हुआ. जहाज पर 10 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे.
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. मंत्रालय ने बताया, हम पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. मंत्रालय ने कहा कि जहाज पर मौजूद अन्य दो भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित हैं.
इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी बताया कि रूस में भारतीय मिशन ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जा रही है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत कमर्शियल शिपिंग और सिविलियन क्रू मेंबर्स को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा करता है.
बयान में कहा गया, यह गंभीर चिंता का विषय है कि नेविगेशन की आज़ादी और इंटरनेशनल कॉमर्स को बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है.
यह घटना यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलने के कुछ ही समय बाद गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले कार्गो जहाज 'एमवी गोल्डन लियो' पर हुए हमले के कुछ ही दिनों बाद हुई है. इस जहाज पर 17 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे. उस हमले में चार भारतीय नाविक मारे गए और एक गंभीर रूप से घायल हुआ था.