पाकिस्तान ने भारत पर जानबूझकर पानी छोड़ने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि इसकी वजह से उसके यहां बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई है. अब इस मामले पर भारत की तरफ से जवाब आया है. भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'बेबुनियाद और तथ्यों के विपरीत' बताया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि चिनाब नदी में हाल ही में बढ़ा जलस्तर जम्मू और आसपास के इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश का नतीजा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि 20 से 23 जुलाई 2026 के बीच जम्मू और चिनाब के आसपास के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश हुई. इसी वजह से नदी में पानी का बहाव बढ़ा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अपने फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन ने भी 22 जुलाई को जारी एडवाइजरी में चिनाब में बढ़े जलस्तर की वजह ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश को बताया था.
जायसवाल ने कहा कि नदी में पानी बढ़ना भारी मानसूनी बारिश की एक नेचुरल प्रक्रिया है और इसके पीछे भारत की कोई जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं है. उन्होंने पाकिस्तान के उन आरोपों को भी खारिज किया कि भारत ने बाढ़ को लेकर पहले से जानकारी नहीं दी. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान नदी का बहाव उस स्तर तक नहीं पहुंचा था, जिसके लिए विशेष फ्लड अलर्ट जारी करना जरूरी होता.
सिंधु जल संधि पर भी जवाब
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान ने मनीला में ASEAN रीजनल फोरम की बैठक के दौरान सिंधु जल संधि और कश्मीर का मुद्दा उठाया. भारत ने द्विपक्षीय मुद्दों को मल्टीलेटरल प्लेटफॉर्म पर उठाने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की. विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अटूट हिस्से हैं और पाकिस्तान को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. भारत ने यह भी क्लियर किया कि सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित रहेगी. हालांकि, मानवीय आधार पर जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान के साथ बाढ़ से जुड़ा जरूरी डेटा साझा किया जाता रहेगा.