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तेल, गैस, खाद जैसे 10 बड़े संकट पर पीएम मोदी ने बताया भारत का प्लान

पश्चिम एशिया में जारी जंग के प्रभाव से भारत में ऊर्जा, खाद्यान्न और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि भारत के पास पर्याप्त तेल, गैस, कोयला और खाद्यान्न भंडार हैं और देश संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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पीएम मोदी ने लोकसभा में वेस्ट एशिया में जारी जंग पर बात की है
पीएम मोदी ने लोकसभा में वेस्ट एशिया में जारी जंग पर बात की है

वेस्ट एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी जंग को अब तीन हफ्ते से ज्यादा हो चुके हैं. इसका असर उन देशों पर भी पड़ रहा है जो न सीधे और न ही किसी दूसरे तरीके से इसमें शामिल हैं. भारत पर भी ये जंग अब अपना असर दिखाने लगी है. देश में एक तरह से फैल रहे पैनिक और लोगों में बढ़ रही टेंशन के बीच पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में बड़ी बातें कहीं.

उन्होंने इस दौरान तेल, बिजली, अनाज और खाद आदि को लेकर कहा देश में पहले से इनके विकल्प तैयार हैं जो इस तरह के किसी भी संकट और चुनौती से उबरने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं. इसलिए भारत जंग के संकटों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार इस युद्ध के बीच क्या कदम उठा रही है, ताकि भारतवासियों को कोई दिक्कत न हो. साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में होर्मुज के रास्ते आपूर्ति आना चुनौतीपूर्ण है.

उन्होंने अपनी स्पीच में उन सभी विषयों और संकटों के बारे में बात की जिनकी चर्चा आम है और जो आम आदमी के लिए जरूरी मुद्दा बना हुआ है. इसमें तेल, गैस, कोयला, अनाज, बिजली, खाद, जंगी देशों में फंसे भारतीय, होर्मुज संकट, कोस्टल सिक्योरिटी, साइबर सिक्योरिटी सभी विषय शामिल रहे. आइए जानते हैं पीएम मोदी ने किस विषय पर क्या कहा?

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1. तेल (पेट्रोल-डीजल) की कमी नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि, कच्चे तेल, गैस, उर्वरक और अन्य ऊर्जा संसाधनों का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से आता है. इस मार्ग में बाधा के बावजूद हम अपनी जरूरतों को पूरा करने में लगे हुए हैं. पिछले एक दशक में हमने कच्चे तेल के भंडारण पर विशेष ध्यान दिया है. हमारे पास पर्याप्त मात्रा में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद है. हमारी रिफाइनिंग क्षमता भी बढ़ी है.

Pm modi Loksabha

पीएम मोदी ने कहा 'हम कई देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं और गैस व तेल की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 11 साल में अपनी क्रूड ऑयल इम्पोर्ट का डाइवर्सिफिकेशन किया है. पहले 27 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट होता था, आज 41 देशों से इम्पोर्ट हो रहा है. हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी वृद्धि हुई है. हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन क्रूड ऑयल का रिजर्व है. हमारा लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन का है.'

2. गैस को लेकर चिंता नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि, 'हम अपनी एलपीजी जरूरत का 60 प्रतिशत आयात करते हैं और इसमें घरेलू आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है. पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के स्रोतों में विविधता लाई है. पहले हम 27 देशों से आयात करते थे, जबकि अब 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहे हैं. हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें. हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं.

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3. अनाज और खाद की दिक्कत नहीं
भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न है. खरीफ सीजन की ठीक से बुवाई हो सके. सरकार ने खाद्य की पर्याप्त व्यवस्था की है. हमने पहले भी किसानों पर संकटों का बोझ नहीं पड़ने दिया था. दुनिया के बाजार में यूरिया की एक बोरी तीन हजार रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन भारत के किसानों को वही बोरी तीन सौ रुपये से भी कम कीमत पर दी गई थी. पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं. इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है. सरकार किसानों की मदद करती रहेगी. 

4. बिजली संकट, कोयले का भी है स्टॉक
पीएम मोदी ने कहा कि बिजली संकट का भी इस्यू नहीं है. कोयले आदि की भी कमी नहीं है. गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं. ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं. गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है. आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी. पावर जेनरेशन से सप्लाई तक, सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग की जा रही है.

4. बिजली संकट से निपटने की भी तैयारी
रिन्यूएबल एनर्जी से भी मदद मिली है. देश ने बड़े कदम उठाए हैं. आधा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है. बीते 11 वर्षों में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी तीन गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट के पार पहुंचा दिया है. गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं. ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं. सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी को भी प्रोत्साहित किया है. अगले पांच वर्षों में 1500 सौ नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी.

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6. फंसे भारतीयों पर संकट
पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त किया है. सभी से तनाव कम करने, संघर्ष खत्म करने का आग्रह किया है. एनर्जी इंफ्रा पर हमले का विरोध किया है. होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट अस्वीकार्य है. कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य हैं. भारत सुरक्षित आवाजाही के लिए डिप्लोमेसी के जरिये प्रयास किया है. बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है. हमारे हर प्रयास संघर्ष को समाप्त करने के लिए है.

7. परिवहन पर असर
पीएम मोदी ने कहा कि, हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है. हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया. आज वैकल्पिक ईंधन पर जिस कदर काम हो रहा है, भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा. एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है. ग्लोबल एनर्जी जरूरतों को पूरा करने वाला वेस्ट एशिया है. दुनियाभर की अर्थव्यवस्था वर्तमान संकट से प्रभावित हो रही है. सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म असर के लिए भी रणनीति के साथ काम कर रही है. हम हर स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा कर रहे हैं. जहां भी जरूरत है, सपोर्ट दिया जा रहा है. इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है, जो हर रोज मिलता है. साझा प्रयासों से हम परिस्थितियों का बेहतर सामना कर पाएंगे.

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Hormuz Strait

8. इथेनॉल से वैकल्पिक ऊर्जा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 11 साल में अपनी क्रूड ऑयल इम्पोर्ट का डाइवर्सिफिकेशन किया है. पहले 27 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट होता था, आज 41 देशों से इम्पोर्ट हो रहा है. हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी वृद्धि हुई है. हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन क्रूड ऑयल का रिजर्व है. हमारा लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन का है. हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें. हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है. पेट्रोल में 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है. इससे भी बचत हो रही है.  
9. होर्मुज संकट पर भी रखी बात
पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त किया है. सभी से तनाव कम करने, संघर्ष खत्म करने का आग्रह किया है. एनर्जी इंफ्रा पर हमले का विरोध किया है. होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट अस्वीकार्य है. कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य हैं. भारत सुरक्षित आवाजाही के लिए डिप्लोमेसी के जरिये प्रयास किया है. बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है. हमारे हर प्रयास संघर्ष को समाप्त करने के लिए है.

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10. 24×7 इमरजेंसी सेवाएं मुहैया
युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हर भारतीय को हर संभव सहायता दी जा रही है। मैंने पश्चिम एशिया के कई देशों के प्रमुखों से बात की है और सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है. दुर्भाग्य से इस संघर्ष में कई लोगों की जान गई है और कई घायल हुए हैं। उनके परिवारों को हर जरूरी मदद दी जा रही है और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. भारत और प्रभावित देशों में 24×7 इमरजेंसी सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं, ताकि लोगों को तत्काल सहायता मिल सके.

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