भारत और चीन के बीच उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होने वाला सीमा व्यापार छह साल से अधिक समय बाद शनिवार से फिर शुरू हो गया है.
अधिकारियों के मुताबिक, चीन ने 20 भारतीय व्यापारियों को पुरांग (तकलाकोट) जाने की इजाजत दी है. पहले फेज के लिए तिब्बत में चीनी प्रशासन ने इन व्यापारियों को तैयारी का जायजा लेने और अपने मौजूदा स्टॉक की जांच करने के लिए ही जाने की मंजूरी दी है.
बता दें, इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी की बीजिंग यात्रा के दौरान भारत और चीन ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की थी. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उस साझा सोच को दोहराया गया कि दोनों देश विकास में साझेदार हैं.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को स्वीकार किया.
पिछले कुछ महीनों में, नई दिल्ली और बीजिंग ने अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. पूर्वी लद्दाख सीमा पर चार साल से अधिक समय तक चले गतिरोध के दौरान ये संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे.
पिछले साल अगस्त में, पीएम मोदी सालाना SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के शहर तियानजिन गए थे. SCO शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच व्यापक बातचीत हुई थी.