कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस पर ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का मुद्दा फिर से उठाया है.राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है.उन्होंने कहा है कि सरकार ग्रेट निकोबार परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और डिफेंस प्रोजेक्ट के तौर पर पेश कर रही है, लेकिन इसका मकसद एक बड़े कारोबारी को फायदा पहुंचाना है.इस परियोजना को सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रही है, लेकिन यह प्रोजेक्ट देश की विरासत को बर्बाद कर सकता है.
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी किया है.यह वीडियो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे का है. राहुल गांधी ने कहा है कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो सकता है. इस परियोजना में पेड़ काटे जाएंगे. इस इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को यहां से विस्थापित होना पड़ेगा.सरकार का यह कदम देश हित में ठीक नहीं है. इसके जरिए सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने वास्तविक उद्देश्य को छिपाने की कोशिश कर रही है.
आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार को कांग्रेस का समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का समर्थन पूरी तरह करती है. बेस का विस्तार सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है.नौसेना कई सालों से इसकी मांग भी कर रही है,हालांकि उसपर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है.दूसरी तरफ, सरकार इस परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत का हवाला दे रही है,लेकिन देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे. कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है.निकोबार में रहने वाले समुदायों को वहां से हटाया जाएगा. कभी भारत सरकार ने उनको बसाया था. यह सब इसलिए ताकि वहां होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बन सके.उन्होंने दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है. लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता के साथ- साथ निकोबार की आदिवासी संस्कृति को काफी नुकसान पहुंचेगा. राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार को काम करना चाहिए.