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अल-नीनो के बाद अब नॉर्थवेस्ट की ड्राई एयर रोकेगी मॉनसून का रास्ता! दिल्ली से राजस्थान-गुजरात तक दिखेगा असर

Monsoon 2026: उत्तर-पश्चिम भारत (Northwest India) के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मॉनसून की रफ्तार धीमी रहेगी. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नॉर्थवेस्ट से आ रही ड्राई एयर के असर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.

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Rainfall activities may reduce in northwest India due to dry air (File Photo- PTI)
Rainfall activities may reduce in northwest India due to dry air (File Photo- PTI)

देश के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में इन दिनों शुष्क हवाएं (ड्राई एयर) चल रही हैं, जो मॉनसून की नम हवाओं को आगे बढ़ने से रोक रही हैं. ड्राई एयर के असर से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी कम होने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ रही है. दरअसल, ड्राई एयर के आने से हवा में नमी कम हो रही है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया रुक गई है और बारिश कम होने की आशंका है.

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पहले ही इस बार जून में बारिश औसत से काफी कम रही है. कई इलाकों में 20-30 प्रतिशत या उससे ज्यादा कमी दर्ज की गई है. अब जुलाई में भी उत्तर-पश्चिम में शुष्क हवा का असर दिखाई देने की संभावना है.

उत्तर-पश्चिम की ड्राई एयर का मॉनसून की बारिश में क्या रोल?
मॉनसून की मुख्य हवाएं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आती हैं, लेकिन उत्तर-पश्चिम (राजस्थान, पंजाब, हरियाणा आदि) में गर्म और शुष्क हवाएं इन नम हवाओं को रोक देती हैं. जिससे मॉनसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है या बारिश कम होती है.

इन राज्यों में दिखेगा ड्राई एयर का असर
शुष्क हवाओं के असर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है. हालांकि, ऑल इंडिया वेदर के मुताबिक, अगले 24 घंटों के पूर्वानुमान की बात करें तो सिर्फ भारत के मैदानी इलाकों (इंडो-गंगा के मैदान) और पूर्वोत्तर (नार्थ-ईस्ट) राज्यों में ही अच्छी बारिश होने की संभावना है. देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहेगा. हालांकि, कुछ गिने-चुने इलाकों में हल्की बौछारें या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है.

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क्या पूरी तरह बारिश बंद हो जाएगी?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में आ रहे इस बदलाव से परेशान होने की जरूरत नहीं है. 13 से 15 जुलाई के आसपास पूर्वी भारत के ऊपर बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System - LPS) बनने जा रहा है. यह नया मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे एक बार फिर मॉनसून रफ्तार पकड़ेगा और पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत तक फिर से अच्छी बारिश शुरू हो सकती है. 

जुलाई के आखिरी दिनों में कैसा रहेगा मॉनसून?
विभिन्न मौसम मॉडलों के अनुसार, जुलाई के दूसरे हिस्से में पूरे देश में कुल मिलाकर मॉनसून सामान्य रहने की उम्मीद है. पूर्वी भारत में जुलाई के बाकी दिनों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है. जबकि उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण भारत में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है. वहीं, पूरे देश के औसत को देखा जाए तो जुलाई के महीने में मॉनसून के सामान्य रहने की उम्मीद है.

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