केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया हो. इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस की क्लिप तेजी से वायरल हो रही है. 24 जून 2015 के वायरल क्लिप में राजनाथ सिंह कहते नजर आ रहे हैं कि 'मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं भैया, ये UPA सरकार नहीं है, NDA सरकार है.'
हालांकि, NEET परीक्षा धांधली को लेकर देशभर में मचे भारी बवाल के बीच अब यह रिकॉर्ड टूट चुका है.चौतरफा दबाव के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही मोदी कैबिनेट में मंत्रियों के पद न छोड़ने का सालों पुराना सिलसिला आखिरकार थम गया है. इससे पहले एमजे अकबर ने MeToo अभियान के दौरान लगे आरोपों के कारण 17 अक्टूबर 2018 को विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. जंतर-मंतर पर पेपर लीक और गड़बड़ी के विरोध में छात्रों और छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी है. इस आंदोलन के समर्थन में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्होंने शुक्रवार (24 जुलाई) को अपना अनशन समाप्त किया. सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद से ही इस बात को लेकर कयासबाजी तेज हो गई थी कि क्या शिक्षा मंत्री अपने पद पर बने रहेंगे या इस्तीफा देंगे.
छात्रों से लेकर विपक्ष तक सबकी मांग में थे धर्मेंद्र प्रधान
विपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दल लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे. 20 जुलाई को कॉकरोच पार्टी की तरफ से 'चलो संसद' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प देखने को मिली थी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध- प्रदर्शन जारी है. इससे पहले सरकारी सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आ रही थी कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने और छात्रों के गुस्से को शांत करने के प्रयास में सरकार ने शुक्रवार रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की थी.