झारखंड के हजारीबाग में शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर हंगामा हो गया. कोर्रा थाना क्षेत्र के गांधी मैदान में छात्र पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान वहां तनाव की स्थिति बन गई. जिला प्रशासन ने छात्रों को हटाने की कोशिश की. चेतावनी के बाद हल्का बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है.
छात्र झारखंड सरकार की कार्रवाई से नाराज हैं. इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था. छात्र गांधी मैदान में जुटे थे. उन्होंने पुतला दहन की तैयारी कर रखी थी. इसी बीच प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. छात्रों को वहां से हटाने की कोशिश शुरू हुई.
डंडे लेकर पहुंचे JMM कार्यकर्ता
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं के पहुंचने की भी बात सामने आई है. आरोप है कि कुछ कार्यकर्ता हाथों में डंडे लेकर वहां पहुंचे. उन्होंने पुतला दहन की तैयारी कर रहे छात्रों को खदेड़ना शुरू कर दिया.
इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. छात्र वहां से हटने लगे. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की. हालांकि इस मामले में सभी पक्षों का पूरा बयान सामने आना अभी बाकी है.
जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही. प्रशासन ने पहले छात्रों को चेतावनी दी. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया. प्रशासन की कोशिश रही कि स्थिति ज्यादा न बिगड़े.
बाबूलाल मरांडी ने JMM को बताया सरकार का गुंडा
घटना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने JMM कार्यकर्ताओं को सरकार का गुंडा बताया. मरांडी ने कहा कि छात्र गुस्से में हैं. इसके बावजूद वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है. मरांडी ने कहा कि सरकार के लोग छात्रों पर लाठी का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने हेमंत सोरेन से JMM कार्यकर्ताओं को समझाने की अपील की.
मरांडी ने यह भी कहा कि छात्रों की मांग के अनुसार मामले की CBI जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने सरकार से छात्रों को दिए गए आश्वासन को पूरा करने की मांग की.
हाईकोर्ट के फैसले के बाद फिर शुरू हुआ आंदोलन
दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने आंदोलन फिर तेज करने का ऐलान किया था. मंच ने रांची प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता की थी. इसमें सरकार पर कई आरोप लगाए गए थे.
मंच के प्रवक्ता रविंद्र कुमार पासवान, पीयूष कुमार और कुणाल प्रताप सिंह ने कहा था कि छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने कहा था कि आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा.
मंच ने छात्रों से आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की थी. नेताओं ने कहा था कि छात्र पढ़ाई करें या लगातार कानूनी मामलों में उलझे रहें. यह स्थिति ठीक नहीं है.
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सभी जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन का किया था ऐलान
मंच ने शुक्रवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ पुतला दहन का ऐलान किया था. इसके बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही गई थी.
मंच का आरोप है कि सरकार ने छात्रों को भरोसा दिया था. बाद में उनका भरोसा टूट गया. इसे छात्रों के साथ धोखा बताया गया. इसी के बाद छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई.
इसी अपील के बाद हजारीबाग में छात्र मुख्यमंत्री का पुतला जलाने पहुंचे थे. लेकिन प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और झामुमो कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से मामला गरमा गया.
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फिलहाल हजारीबाग में स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है. छात्रों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आंदोलन और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.