राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जारी है. मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों के बीच INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च कर रहे हैं. इस प्रदर्शन में शामिल अखिलेश यादव ने धरने की जगह बदलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे विपक्ष का संघर्ष नहीं रुकेगा.
'जगह बदलने से संघर्ष नहीं बंद होता है, समाजवादी पार्टी का, विपक्ष का लगातार इसी तरह संघर्ष चलता रहेगा'. अखिलेश यादव ने कहा कि 'जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने का मतलब विरोध के अधिकार का खत्म होना नहीं है. लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए जहां भी बैठेंगे, वही धरने की जगह बन जाएगी'.
इस दौरान, उन्होंने पुलिस को आगे करने के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा. अखिलेश ने कहा कि 'जो कमजोर लोग होते हैं वो पुलिस को आगे करते हैं. वो जानते हैं कि वो गलत हैं. वो अपनी गलती को छिपाने के लिए फोर्स को आगे कर रहे हैं'. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को बचाना विपक्ष की जिम्मेदारी है, इसलिए सरकार को विरोध की आवाज सुननी चाहिए, न कि उसे रोकने की कोशिश करनी चाहिए.
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बीजेपी जिस तरीके से काम कर रही है, उसमें पार्टी का सदस्य होने पर ही वोटर बनने की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं चलने वाला. अखिलेश ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को बचाने वाले लोग सड़कों पर हैं. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह बदली जा सकती है, लेकिन दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर धरना देने और आंदोलन करने के उनके जुड़ाव को नहीं रोका जा सकता. उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन खत्म हो जाएगा तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा और कमजोर पड़ जाएगा.
क्यों हो रहा है यह प्रदर्शन?
पूरा विवाद वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों को लेकर है. विपक्ष का आरोप है कि हाल ही में हुई मतदाता सूची की खास जांच प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों के नाम काटे गए हैं. इस 'वोट चोरी' और गड़बड़ी के खिलाफ राहुल गांधी- अखिलेश यादव समेत विपक्ष के तमाम बड़े नेता प्रदर्शन कर रहे हैं. राहुल गांधी की तरफ से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक याचिका भी दाखिल कर दी गई है, जिस पर सुनवाई होनी है.
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि सरकार को अपनी गलती माननी चाहिए. उनका आरोप है कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है और हमेशा सत्ता में बने रहना चाहती है. विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक यह कानूनी और राजनीतिक संघर्ष रुकने वाला नहीं है.
इनपुट: शाम्भवी श्रीवास्तव