दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (रेस कोर्स क्षेत्र) के पास स्थित तीन झुग्गी बस्तियों को हटाने को लेकर बड़ा आदेश दिया है. अदालत ने इन झुग्गियों के निवासियों को छह सप्ताह के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया है.
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने ये निर्देश जारी किया है. अदालत ने बताया है कि छह सप्ताह की समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार पुलिस बल की मदद से जमीन को कब्जे से मुक्त करा सकती है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, 'अपीलकर्ता आज से छह सप्ताह के भीतर इन तीन झुग्गी-झोपड़ियों के आवासों को खाली कर देंगे. इस अवधि के दौरान, उन्हें डूसिब (DUSIB) कॉलोनी में आवंटित वैकल्पिक घर दिए जाएंगे.'
पुनर्वास पर निगरानी के लिए कमेटी का गठन
झुग्गीवासियों के पुनर्वास और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अदालत ने एक विशेष समिति का गठन किया है. दिल्ली के पूर्व न्यायाधीश मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में बनी ये समिति तय करेगी कि सरकार के वादा के तहत निवासियों को सभी सुविधाएं मिलें.
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इस निगरानी समिति में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के कई विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे. हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वो इस समिति के गठन का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करें, ताकि पुनर्वास का काम सही ढंग से पूरा किया जा सके.