दिल्ली में इन दिनों माहौल पूरी तरह ब्रिक्स समिट के इर्द-गिर्द घूम रहा है. आज यानी 11 सितंबर को राजधानी के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी है, कल यानी 12 सितंबर को भारत मंडपम में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होगा और परसों यानी 13 सितंबर को इसका दूसरा और आखिरी दिन रहेगा. इसके साथ ही आज से 14 सितंबर तक दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह बदली हुई है, जिसका असर हर दिल्लीवासी की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है.
आज, 11 सितंबर को क्या होगा
आज का दिन मुख्य रूप से तैयारी और सतर्कता का दिन है. शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में आज छुट्टी घोषित की गई है, ताकि बच्चों को समिट के चलते होने वाली ट्रैफिक परेशानी से बचाया जा सके.
सुरक्षा को लेकर भी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के बीच पहले ही समन्वय बैठक हो चुकी है, जिसमें ड्रोन से निगरानी, होटलों की जांच और सीमा पर चेकिंग जैसे मुद्दों पर बात हुई थी. कुछ दिन पहले मोटरकेड की रिहर्सल भी हो चुकी है. इस दौरान करीब 35 सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित रहा था और 22 जगहों पर डायवर्जन लागू हुआ था, यानी आज जिन रास्तों पर असर दिख रहा है, वे वही रास्ते हैं जो रिहर्सल के दौरान भी प्रभावित हुए थे.
आज से ही सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर बना दिल्ली मेट्रो म्यूजियम भी बंद हो चुका है, जो 13 सितंबर तक बंद रहेगा. इसी तरह राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी आज से आम जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं. कुल मिलाकर आज का दिन दिल्ली के लिए सतर्कता, स्कूल बंदी और पूरी तरह लागू हो चुकी ट्रैफिक पाबंदियों का दिन है, जो आने वाले दो दिनों की तैयारी जैसा है.
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कल, 12 सितंबर को क्या होगा
कल का दिन समिट के लिहाज से सबसे बड़ा दिन है, क्योंकि इसी दिन भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के नेताओं का आगमन शुरू होगा. दोपहर 2 बजे से नेता भारत मंडपम के लेवल-2 पर पहुंचना शुरू करेंगे, जहां उनका आधिकारिक फोटो शूट भी होगा. इसके थोड़ी देर बाद, दोपहर 2:35 बजे नेताओं की बंद कमरे में बैठक होगी, जिसका मुख्य विषय समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना रखा गया है. यानी इस बैठक में यह चर्चा होगी कि दुनिया के फैसलों में सभी देशों की भागीदारी कैसे बढ़े.
शाम 4:25 बजे भारत इनोवेट्स नाम की एक प्रदर्शनी लगेगी, जिसके बाद शाम 5:05 बजे बाहरी लॉन में नेताओं की ग्रुप फोटो होगी. इसके ठीक बाद 5:10 बजे नेता मिलकर पौधरोपण करेंगे. दिन का समापन शाम 7:30 बजे प्रधानमंत्री की ओर से दिए जाने वाले गाला डिनर के साथ होगा. इसी दिन दिल्ली में यातायात पर सबसे ज्यादा दबाव भी रहेगा, क्योंकि नेताओं के काफिलों की आवाजाही सबसे ज्यादा इसी दिन होगी.
परसों, 13 सितंबर को क्या होगा
परसों समिट का दूसरा और आखिरी दिन है. इस दिन साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता सुबह 9:55 बजे भारत मंडपम पहुंचेंगे. इसके बाद सुबह 10:35 बजे इन नेताओं की ग्रुप फोटो होगी और ठीक इसके बाद सुबह 10:50 बजे समिट का ओपन सेशन शुरू होगा, जिसमें आम तौर पर सार्वजनिक बयान और बड़े ऐलान होते हैं.
इसी दिन के साथ 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन औपचारिक रूप से पूरा हो जाएगा. उल्लेखनीय है कि इस साल की मेजबानी भारत कर रहा है और सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, सऊदी अरब और इंडोनेशिया जैसे सदस्य देशों के साथ साथ बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
ट्रैफिक पर असर तीनों दिन रहेगा
तीनों दिन यानी आज, कल और परसों दिल्ली में सड़कों पर खास इंतजाम लागू रहेंगे. करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात किए गए हैं और 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कें कंट्रोल्ड रहेंगी, जिनमें सरदार पटेल मार्ग, मथुरा रोड, जनपथ, अशोक रोड, तीन मूर्ति मार्ग और अकबर रोड जैसी सड़कें शामिल हैं. इसके अलावा कनॉट प्लेस, पटेल चौक और आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर समेत 22 जगहों पर वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वालों को आईएसबीटी कश्मीरी गेट, बुलेवार्ड रोड और पंचकुइयां रोड होते हुए जाने की सलाह दी गई है, जबकि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन जाने वालों को एम्स, रिंग रोड और आश्रम चौक वाला रास्ता लेने को कहा गया है.
एयरपोर्ट जाने वालों के लिए मेट्रो को सबसे बेहतर विकल्प बताया गया है, क्योंकि मेट्रो सेवाएं पूरी तरह सामान्य रहेंगी जबकि सड़क से जाने पर वीआईपी मूवमेंट के कारण देरी हो सकती है. बस रूट्स में भी जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है.
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टैक्सी और ऑटो चलते रहेंगे, लेकिन सड़क किनारे पार्किंग सिर्फ तय जगहों पर ही मिलेगी. हालांकि एम्बुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी वाहनों को हर हाल में रास्ता दिया जाएगा, ताकि किसी भी जरूरी सेवा में रुकावट न आए.
इससे पहले 10 सितंबर को द लीला होटल, चाणक्यपुरी में आजतक का ब्रिक्स राउंडटेबल भी हो चुका है, जिसमें पूर्व राजनयिक अजय बिसारिया, फिक्की अध्यक्ष अनंत गोयनका, दक्षिण अफ्रीकी उच्चायुक्त अनिल सूकलाल, बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज़ हामिदुल्ला, पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद और रूस के भारत में राजदूत डेनिस अलीपोव जैसे कई बड़े राजनयिक, कारोबारी और सैन्य अधिकारी शामिल हुए थे.
इस राउंडटेबल में ग्लोबल साउथ की चुनौतियों, ब्रिक्स में निवेश के मौके, अफ्रीका की बढ़ती भूमिका, भारत की विदेश नीति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी, जिसे इस पूरे आयोजन की एक तरह से शुरुआत माना जा सकता है.