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चक्रवात अर्नब का खतरा, 4 राज्यों में अलर्ट, 53 ट्रेनें रद्द, 140 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है और अगले 12 घंटों में अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है. 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने का अनुमान है.

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अर्नब तूफान को लेकर राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं. (Photo: PTI)
अर्नब तूफान को लेकर राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं. (Photo: PTI)

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है. इसके अगले 12 घंटों में और शक्तिशाली होकर अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. तूफान के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में अलर्ट जारी किया है. चक्रवात के कारण रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को कुल 53 ट्रेनें रद्द कर दी हैं. वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सोमवार शाम के बुलेटिन के मुताबिक, अर्नब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और पश्चिम की ओर 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. इसका केंद्र विशाखापत्तनम से 490 किलोमीटर, काकीनाडा से 560 किलोमीटर और बापटला से 730 किलोमीटर दूर स्थित था.

अर्नब का अर्थ बंगाली भाषा में समुद्र होता है. इस चक्रवात का नाम बांग्लादेश ने दिया है.

अभी 17 किलोमीटर प्रति घंटा है रफ्तार

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है. अगले 12 घंटों में इसके और शक्तिशाली होकर अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई गई है. तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने का अनुमान है. इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा के गंजाम जिला प्रशासन ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 27 से 29 अक्टूबर तक छुट्टी घोषित कर दी है.

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जानकारी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान अर्नब फिलहाल 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. इसका केंद्र विशाखापत्तनम से लगभग 490 किलोमीटर, काकीनाडा से 560 किलोमीटर और बापटला से 730 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

28 अक्टूबर की सुबह तट से टकराने की आशंका

मौसम संबंधी ताजा जानकारी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान अर्नब के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के पास तट से टकराने की संभावना है.

तूफान के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. वहीं, हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए कई बंदरगाहों पर दूसरे स्तर की खतरे की चेतावनी जारी की गई है.

ओडिशा में तीन दिन बंद रहेंगे आंगनवाड़ी केंद्र

चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा के गंजाम जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है. जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 27, 28 और 29 अक्टूबर को छुट्टी घोषित कर दी गई है.

वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मंगलवार से तूफान का असर पड़ने की आशंका है.

तूफान की दिशा और तीव्रता में हो सकता है बदलाव

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चक्रवाती तूफान अर्नब की दिशा और तीव्रता में आने वाले घंटों में बदलाव होने की संभावना बनी हुई है. ऐसे में तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

लोगों से मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक चेतावनियों और ताजा अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है. तूफान के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है. वहीं, हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

तूफान के चलते 53 ट्रेनें रद्द
चक्रवाती तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द कर दी हैं. इसका असर आंध्र प्रदेश के कई प्रमुख रेल मार्गों पर पड़ा है. रद्द की गई ट्रेनों में विजयवाड़ा, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर, भीमावरम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और विशाखापत्तनम को जोड़ने वाली कई रेल सेवाएं शामिल हैं.

कुछ ट्रेनें दोनों दिन रद्द रहेंगी, जबकि कुछ का संचालन केवल 27 या 28 अक्टूबर को बंद रहेगा.

केंद्र सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा
चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में तूफान से निपटने की तैयारियों और राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय की समीक्षा की गई. भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

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एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है, जबकि अतिरिक्त जवानों को तैयार रखा गया है. सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने भी राहत और बचाव दलों को तैयार रखा है.

कैबिनेट सचिव ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, संपत्ति के नुकसान को कम करने और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

उन्होंने कहा कि अगर तूफान के कारण जरूरी सेवाएं बाधित होती हैं तो उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए.

गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश में 10 NDRF टीमें तैनात
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने और तटीय गांवों में रहने वाले लोगों को नियमित चेतावनी जारी करने को कहा है.

मछली पकड़ने वाली नावों को तट पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें पहले ही अस्पतालों में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.

राज्य में एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि देशभर में 16 अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है. विशाखापत्तनम जिला प्रशासन ने भी बचाव दल तैनात किए हैं और नौसेना तथा तटरक्षक बल को सतर्क कर दिया है.

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बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के मद्देनजर राज्य के ऊर्जा विभाग ने 25 हजार बिजली के खंभों और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की है.

ओडिशा के छह जिलों में विशेष सतर्कता
ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने की आशंका वाले छह दक्षिणी जिलों की पहचान की है. इनमें गंजाम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर शामिल हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है.

संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), अग्निशमन विभाग और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.

राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर इन छह जिलों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा पहाड़ी इलाकों, झरनों और बांधों पर पर्यटकों के प्रवेश को भी प्रतिबंधित किया गया है.

बंगाल, बिहार और झारखंड में भी भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवाती तूफान अर्नब का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है. मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है. पश्चिम बंगाल में 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इनमें दक्षिण 24 परगना, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुड़ा और पुरुलिया शामिल हैं.

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वहीं, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश होने की आशंका है. दार्जिलिंग में भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है.

कोलकाता, हावड़ा, हुगली और दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है.

बंगाल के तटीय इलाकों में 26 अक्टूबर से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. यहां हवाओं की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश तक दिख सकता है असर
मौसम विभाग ने तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इसके अलावा झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना है. अंडमान द्वीप समूह में भी 26 और 27 अक्टूबर को बारिश होने का अनुमान जताया गया है.

तमिलनाडु और पुडुचेरी के नौ बंदरगाहों पर चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान के शक्तिशाली होने के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी के नौ बंदरगाहों पर चक्रवात संबंधी चेतावनी संकेत लगाए गए हैं. इनमें चेन्नई, नागपट्टिनम, कुड्डालोर, कराईकल, पंबन और तूतीकोरिन जैसे बंदरगाह शामिल हैं.

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इन संकेतों के जरिए बंदरगाह प्रबंधन, जहाज संचालकों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है. मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

रेलवे ने बनाए 24 घंटे काम करने वाले वॉर रूम
चक्रवाती तूफान के मद्देनजर दक्षिण तटीय रेलवे ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर ने जोन में सुरक्षा उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है.

रेलवे ने जोनल और मंडल मुख्यालयों में 24 घंटे काम करने वाले वॉर रूम स्थापित किए हैं. इनका उद्देश्य तूफान के कारण रेल परिचालन में किसी तरह की बाधा आने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है.

इसके अलावा संवेदनशील पुलों, रेलवे ट्रैक, यार्ड और सिग्नलिंग सिस्टम की निगरानी बढ़ा दी गई है. संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग कर्मचारियों और चौकीदारों की तैनाती भी की गई है.

फिलहाल केंद्र और संबंधित राज्य सरकारें तूफान की स्थिति पर नजर रख रही हैं. मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.

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