20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र से पहले देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह परिसीमनऔर जेल में बंद मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों को हटाने से संबंधित 'संविधान संशोधन विधेयकों' का संसद में कड़ा विरोध करेगी.
इसके साथ ही, कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा-चोरी, पेपर लीक (NEET) और देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित गिरावट जैसे ज्वलंत मुद्दों पर मोदी सरकार को चौतरफा घेरने का संकल्प लिया है. संसद सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करने के लिए गुरुवार को सोनिया गांधी के 10, जनपथ स्थित आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई.
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. बैठक में कांग्रेस के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, पी. चिदंबरम, शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे दिग्गजों ने आगामी विधायी एजेंडे पर चर्चा की.
इन बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर उन प्रमुख मुद्दों की सूची साझा की, जिन पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर चंदा-चोरी मामले को संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा. वहीं NEET परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और देश के शैक्षणिक संस्थानों पर 'सिस्टमैटिक कब्जे' का मुद्दा विपक्ष का मुख्य हथियार होगा.
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सरकार द्वारा लाए जाने वाले परिसीमन विधेयक और मंत्रियों को हटाने वाले विधेयक को कांग्रेस 'लोकतंत्र पर धब्बा' बताते हुए इसका पुरजोर विरोध करेगी. इसके अलावा पार्टी देश में कमरतोड़ महंगाई, बेरोजगारी, और 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर 'इथेनॉल सम्मिश्रण' (Ethanol Blending) थोपे जाने का मुद्दा उठाया जाएगा.
संविधान संशोधन विधेयकों को हराने का संकल्प
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह 'चलाकी' से दो-तिहाई बहुमत हासिल कर परिसीमन विधेयक को दोबारा लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे विपक्ष ने पहले भी हराया था. उन्होंने कहा, "हम परिसीमन विधेयक और 30 दिनों से अधिक समय तक हिरासत में रहने वाले मंत्रियों को पद से हटाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का पूरी ताकत से विरोध करेंगे. हम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) में किसी भी संशोधन और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का भी पूर्ण विरोध करेंगे."
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उन्होंने यह भी कहा कि 'इंडिया' (INDIA) ब्लॉक के सभी विपक्षी दल आगामी सोमवार को अपनी साझा बैठक करेंगे, जिसमें सरकार के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट रणनीति तैयार की जाएगी. संसद का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारी टकराव देखने को मिल सकता है.