दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को जेल में बंद लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को संसद के मानसून सत्र में शामिल होने की अनुमति दे दी है.अदालत ने उन्हें 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र के दौरान सभी निर्धारित दिनों में कस्टडी पैरोल पर संसद जाने की इजाजत दी है.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार स्पेशल एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने इंजीनियर रशीद की उस याचिका पर सुनवाई की,जिसमें उन्होंने आगामी मानसून सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल देने की मांग की थी. अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच संसद में शामिल होने की अनुमति दी. कस्टडी पैरोल के तहत किसी कैदी को सशस्त्र पुलिसकर्मियों की निगरानी में तय स्थान पर ले जाया जाता है.मामले की सुनवाई इन-कैमरा में हुई.
शेख अब्दुल राशिद पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और आतंकी संगठनों को फंडिंग करने का आरोप है.नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने उन्हें 2017 के टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया था. इसके बाद से वह 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
इन मामलों में केस दर्ज है
अक्टूबर 2019 में एनआईए की चार्जशीट में नाम आने के बाद, मार्च 2022 में विशेष एनआईए अदालत ने इंजीनियर राशिद और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध भड़काना) और 124A (राजद्रोह) के तहत आरोप तय किए थे. इसके अलावा, उनपर अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट के तहत आतंकवादी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं.